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Home » Economy » Foreign TradePrice hike in oil import from Iran due to US sanctions food and drink to be expensive

महंगाई / मई में बढ़ सकते हैं तेल के दाम, खाना-पीना और सफर करना हो जाएगा महंगा

अमेरिकी कदम से भारत को उठाना पड़ सकता है नुकसान 

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नई दिल्ली. भारत में महंगाई फिर जोर पकड़ सकती है। ऐसे में खाना-पीनी और ट्रैवल करना महंगा हो सकता है। साथ ही घर के रसोई का बजट भी बिगड़ सकता है। ऐसा इसिलए क्योंकि अंतराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसकी एक वजह अमेरिकी छूट को खत्म होना है। दरअसल अमेरिका ने भारत को ईरान से तेल खरीद में मिल रही छूट को खत्म करने का ऐलान किया है। अमेरिका ने भारत सहित 5 देशों को ईरान से तेल की निर्भरता 2 मई तक कम करने के लिए वक्त दिया था। ऐसे में 2 मई के बाद भारत में खाने-पीने समते घूमना महंगा हो सकता है। 

 

2 मई के बाद अमेरिकी छूट खत्म हो सकती है

अमेरिकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट में छपी ख़बर के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से साफ कह दिया है कि वे ईरान से तेल आयात कर रहे देशों को दी गई छूट ख़त्म करना चाहते हैं। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने आगामी योजना का ख़ाका बनाना भी शुरू कर दिया है.बोल्टन अमेरिकी प्रशासन के साथ लगातार इस पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो जल्द घोषणा करने वाले हैं कि ईरान से तेल आयात कर रहे किसी भी देश को आगामी दो मई से प्रतिबंधों में राहत नहीं दी जा सकेगी। 

 

अमेरिका ने ईरान पर लगाए प्रतिबंध 

बता दें कि ईरान की ओर से परमाणु कार्यक्रम जारी रखने की वज़ह से अमेरिका ने बीते साल 2015 में उसके साथ हुआ समझौता तोड़ दिया था। फिर नवंबर में उसने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध भी लागू कर दिए। साथ ही उसने दुनिया के सभी देशों से ईरान से कच्चे तेल का आयात बंद करने का निर्देश दिया था और धमकी दी थी कि ऐसा न करने वाले देशों को भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

 

इन देशों को मिली थी छूट

भारत, चीन, ग्रीस, इटली, ताइवान, जापान, तुर्की और दक्षिण कोरिया को प्रतिबंधों से छूट मिली थी। इस दौरान इन देशों को ईरान से कच्चे तेल के आयात में धीरे-धीरे कम करने न के बराबर करना था। ईरान चीन के बाद भारत को तेल निर्यात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। वित्त वर्ष 2017-18 में भारत ने ईरान से 2.26 करोड़ टन या 4,52,000 बैरल प्रतिदिन की तेल की खरीद की थी।

 

 

बाकी देशों से सस्ते में तेल खरीदता था भारत 

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत ईरान को खाद्यान्न, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों का निर्यात करता था। इसे बदले तेल के भुगतान की आधी राशि निर्यात से मिले रुपये से की जाती थी। भारत को अमेरिका से यह छूट आयात घटाने तथा एस्क्रो भुगतान के बाद मिली है।इस साल भारत का ईरान से कच्चे तेल का औसत आयात 5,60,000 बैरल प्रतिदिन रहा है। 

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