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रिपोर्ट /पाकिस्तान पर गहरा सकता है वित्तीय संकट, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर्ज मिलने में होगी परेशानी

  • आतंकी फंडिंग रोकने के लिए गठित अंतरराष्ट्रीय एजेंसी एफएटीएफ ने पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक ग्रे सूची में बरकरार रखने का फैसला किया है। 

Moneybhaskar.com

Oct 17,2019 01:47:00 PM IST

नई दिल्ली. वित्तीय संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल आतंकी फंडिंग रोकने के लिए गठित अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक ग्रे लिस्ट में बरकरार रखने का फैसला किया है।

फरवरी 2020 तक रह सकता है ग्रे लिस्ट में

पाकिस्तान अखबार डॉन के मुताबिक एफएटीएफ ने आतंकी वित्तपोषण और धनशोधन मामलों में पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कदम को नाकाफी करार दिया है। एफएटीएफ की ओर से अब पाकिस्तान की ग्रे लिस्ट को लेकर फरवरी, 2020 में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में फिलहाल कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। इसकी आधिकारिक घोषणा 18 अक्तूबर को होगी। बता दें कि पाकिस्तान को पिछले साल जून में ग्रे लिस्ट में डाला गया था।

205 में से पाकिस्तान को तीन देशों का समर्थन

1989 में गठित एफएटीएफ में विश्व के 205 देश शामिल हैं। यह एक अंतर सरकारी संस्था है। पेरिस मुख्यालय स्थित एफएटीएफ पाकिस्तान को लेकर हुई समीक्षा बैठक में 205 देशों में से केवल चीन, तुर्की और मलेशिया का उसे समर्थन मिला, जबकि बाकी देशों ने पाकिस्तान के विरोध किया।

क्या होगा इसका असर

पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट में बरकरार रहने से अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ से वित्तीय मदद मिलने में काफी परेशानी होगी। ये वैश्विक संस्थाएं पाक को वित्तीय मदद नहीं देंगी। साथ ही ग्रे लिस्ट में रखे जाने पर पाकिस्तान को हर तीन माह पर आतंकी फंडिंग रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देनी पड़ सकती है।

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