विज्ञापन
Home » Economy » Foreign TradeModi government can reduce tax on foreign companies to take advantage of trade war

कवायद / ट्रेड वार का फायदा उठाने के लिए मोदी सरकार विदेशी कंपनियों पर कम कर सकती है टैक्स

वाणिज्य मंत्रालय की सलाहकार समिति ने दिया टैरिफ कम करने का सुझाव

Modi government can reduce tax on foreign companies to take advantage of trade war

नई दिल्ली.अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार का फायदा लेने के लिए भारत अपनी नीतियों में बदलाव कर सकता है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में यह संभव है कि अमेरिकी या विदेशी कंपनियों का टैरिफ कम किया जाए। इस बात के संकेत वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय सलाहकार समूह की रिपोर्ट से मिलता है। रिपोर्ट में अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध से लाभ उठाने के लिए भारत के समग्र शुल्कों को कम करने की सिफारिश की है। इससे मोदी सरकार को अपनी दूसरी पारी में प्रभावी व्यापार नीति तैयार करने में मदद मिलेगी।

 

टैरिफ कम करना समझदारी

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अधिक टैरिफ है।  भारत के लिए अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में टैरिफ बढ़ाना समझदारी नहीं होगी। वास्तव में, अपने टैरिफ को कम करना एक समझदारी भरा कदम होगा। ताकि विदेशी कंपनियों को आकर्षित किया जा सके। वर्तमान में भारत का औसत टैरिफ 13.8% है। इसे 10 प्रतिशत के भीतर लाए जाने की मांग होती रही है। 

यह भी पढ़ें : मजदूर की बेटी राम्या ने महज 33 साल की उम्र में वामपंथियों के गढ़ में सेंध लगाई, पहली ही बार में सांसद बनी

 

इन्होंने तैयार की रिपोर्ट 

 

अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला की अध्यक्षता वाले उच्च स्तरीय सलाहकार समूह ने अपनी रिपोर्ट वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु को सौंप दी। समूह के सदस्यों में पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर, पूर्व वाणिज्य सचिव राजीव खेर, वित्त मंत्रालय में प्रमुख आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल और डब्ल्यूटीओ में भारत के पूर्व राजदूत जयंत दासगुप्ता शामिल थे।

यह भी पढ़ें : मोदी 2.0 सरकार में 6.5 करोड़ नौकरियां के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर होगा फोकस, एक्शन प्लान तैयार

 

वर्ष 2017 में बढ़ा था टैरिफ 


पैनल ने पाया कि विभिन्न सरकारों के तहत दो दशकों से सीमा शुल्क को धीरे-धीरे कम करने के बाद वर्ष 2017 में में वृद्धि की गई थी। इसके बाद केंद्रीय बजट 2018-19   एक और टैरिफ वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार अब इसय नीति को बदलना होगा।  पैनल ने सिफारिश की है कि भारत की टैरिफ की ऊपरी सीमा और टैरिफ दरों की संख्या को पांच साल में घटाया जाना चाहिए। 

यह भी पढ़ें : इसरो भी बनेगा व्यापारी, सेटेलाइट कारोबार के लिए कंपनी बनाई, विदेश से कमाई का मकसद

 


भारत के पास बेहतरीन मौका 


रिपोर्ट के मुताबिक चीन और अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में उत्पादन की बढ़ती लागत के कारण कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां नए निवेश स्थलों की तलाश कर रही हैं।  ऐसे में भारत के पास अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने का एक अनूठा अवसर है। इसके लिए त्वरित निर्णय से लेकर नए प्लेटफार्म को विकसित करने की जरूरत है। 

यह भी पढ़ें: चुनाव में बेरोजगारी का मुद्दा उछला था, अब सरकार ने बताया कि इस साल 1.37 करोड़ नौकरियां सृजित हुईं

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Don't Miss