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बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Foreign Tradeसरकार ने दालों के एक्‍सपोर्ट पर पाबंदी हटाई, किसानों को मिल सकेंगे अच्‍छे भाव

सरकार ने दालों के एक्‍सपोर्ट पर पाबंदी हटाई, किसानों को मिल सकेंगे अच्‍छे भाव

 

नई दिल्‍ली. सरकार ने सभी तरह की दालों के एक्‍सपोर्ट पर पाबंदी हटा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में यह फैसला हुआ। इस फैसले से किसानों को अपने प्रोडक्‍ट अच्‍छे दाम पर बेचकर इनकम बढ़ाने का मौका मिल सकेगा।

 

केंद्रीय मंत्री रवि शकंर प्रसाद ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। प्रसाद ने बताया कि सरकार ने सभी तरह की दालों के एक्‍सपोर्ट पर सभी तरह की पाबंदिया हटा ली गई है। उन्‍होंने कहा कि इससे किसानों को अपने प्रोडक्‍ट अच्‍छी कीमत पर बेचने में मदद मिलेगी और बुवाई रकबा बढ़ाने के लिए भी प्रोत्‍साहित होंगे।

 

प्रसाद ने बताया कि दालों के एक्‍सपोर्ट से अधिक पैदावार होने पर उनके लिए एक अल्‍टरनेटिव मार्केट उपलब्‍ध होगा। इससे देश और एक्‍सपोर्टर्स को मार्केट रिगेन करने में भी मदद मिलेगी।

 

दालों की एक्‍सपोर्ट-इम्‍पोर्ट पॉलिसी रिव्‍यू के लिए कमिटी

कैबिनेट ने इसके अलावा इम्‍पोर्ट-एक्‍सपोर्ट पॉलिसी की समीक्षा के लिए फूड सेक्रेटरी की अध्‍यक्षता में एक कमिटी एम्‍पॉवर्ड की है। यह कमिटी इम्‍पोर्ट पर मात्रात्‍मक पाबंदी और घरेलू प्रोडक्‍शन, डिमांड व इंटरनेशनल मार्केट के आधार पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी में बदलाव जैसे उपायों पर भी विचार करेगी।

 

दालों के इम्‍पोर्ट पर घटेगी निर्भरता

सरकार का मानना है कि देश में दालों का प्रोडक्‍शन धीरे-धीरे बेहतर होगा और इम्‍पोर्ट पर हमारी निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी। कैबिनेट के इस फैसले से हमें ग्‍लोबल सप्‍लाई चेन से जुड़ेंगे, जिससे किसानों को खेती के नए तरीके सीखने को मिलेंगे और उनकी पैदावार बेहतर होगी।

 

2016-17 में 2.3 करोड़ टन रहा दालों का प्रोडक्‍शन

2016-17 प्रोडक्‍शन ईयर में भारत में दालों को प्रोडक्‍शन 2.3 करोड़ टन रहा। सरकार की तरफ से इस लेवल पर पैदावार बनाए रखने के लिए कई तरह के कदम उठाए गए हैं। सरकार ने सीधे किसानों से 20 टन दाल की खरीद की है। यह खरीद मिनिमम सपोर्ट प्राइस या मार्केट भाव (जो भी अधिक हो) पर की गई। यह दालों की अबतक की सबसे अधिक सरकारी खरीद है।

 

2016-17 में दालों का प्रोडक्‍शन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2016-17 में चना दाल का प्रोडक्‍शन 93.3 लाख टन रहा। यह 2015-16 के 70.6 लाख टन से 32 फीसदी अधिक है। अन्‍य रबी दालों (मसूर) का प्रोडक्‍शन 2016-17 में 30.2 लाख टन रहा, जो  2015-16 के 24.7 लाख टन की तुलना में 22 फीसदी अधिक रहा। 2017-18 के लिए सरकार ने 2.29 करोड़ टन दालों के प्रोडक्‍शन का टारगेट रखा है।

 

IPGA ने किया स्‍वागत 


इंडियन पल्सेज एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (IPGA) ने सरकार के दालों पर से एक्‍सपोर्ट प्रतिबंध हटाने के फैसले का स्‍वागत किया है। IPGA के चेयरमैन प्रवीण डोंगरे की ओर से कहा गया है कि हम सरकार के इस फैसले का स्‍वागत करते हैं।  IPGA ने किसानों के साथ मिलकर दाल की कीमतों को लेकर अहम कदम उठाने की भी सिफारिश की है। भारत से एग्री एक्‍सपोर्ट  में बड़ी क्षमता है और खुले ट्रेड पॉलिसी न केवल नए बाजारों को खोजने के लिए काफी लंबा सफर तय करेगी बल्कि कॉम्‍पिटिशन भी बढ़ेगा। 

 

 

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