अवसर /अमेरिका-चीन की लड़ाई में भारत को हो सकता है फायदा, MNCs को लुभाने का है अच्छा मौका: पनगढ़िया

  • उन्होंने कहा- भारत के पास अमेरिका से मोल-भाव करने का मौका है।

Moneybhaskar.com

Jun 26,2019 04:48:25 PM IST

नई दिल्ली. अमेरिका और चीन के बीच चल रही ट्रेड-वार से भारत को फायदा हो सकता है। दुनिया के नामी इकोनॉमिस्ट अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि दोनों देशों के बीच टेंशन की यह स्थिति भारत के लिए अच्छा मौका है। न्यूयॉर्क में कॉन्सुलेट जनरल ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित पैनल डिस्कशन में पनगढ़िया ने इस बात पर जोर दिया कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीन से बाहर आ रही हैं, ऐसे में भारत के पास इन कंपनियों को आकर्षित करने का मौका है जिससे वे यहां निवेश करें। पनगढ़िया जनवरी, 2015 से अगस्त, 2017 तक नीति आयोग के पहले उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

​​भारत को होगा फायदा

पनगढ़िया ने कहा, ‘अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर के चलते बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों को नुकसान हो रहा है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपना मार्केट इन कंपनियों के लिए खोले। यह भारत के लिए अच्छी बात है क्योंकि ऐसे में भारत के पास अमेरिका से मोल-भाव करने का मौका है। भारत अमेरिका को कुछ देकर उससे बदले में कुछ मांग सकता है।’

घटाने चाहिए इंपोर्टेड बाइक पर लगे टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा बाइक पर लगे टैरिफ को गलत ठहराने और भारत से आने वाली बाइक पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी के बाद फरवरी में भारत ने हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल पर टैरिफ को घटाकर 50 फीसदी कर दिया था। इस बारे में पनगढ़िया ने कहा, 'भारत और अमेरिका के बीच डाटा लोकलाइजेशन को लेकर विवाद है, लेकिन Harley-Davidson मोटरसाइकिल के टैरिफ को लेकर जो विवाद है उसे दूर किया जा सकता है। भारत को हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल पर लगे टैरिफ को पूरी तरह हटा देना चाहिए। भारत को अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों में लचीला होना होगा।'

रुपए को होने दें और कमजोर

उन्होंने कहा कि टैरिफ लगाने की बजाय भारत एक्सचेंज रेट को अपने फायदे में इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘रुपए को थोड़ा और कमजोर होने दें, इससे निवेशकों के लिए देश में निवेश करने की राह खुलेगी और इससे टैरिफ बढ़ने से हुए नुकसान की भरपाई की जा सकेगी। 1990 में भी हमने यही किया था। ससे भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी और एक्सपोर्ट में इजाफा होगा। यह पूरी तरह से भारत के हित में रहेगा।’

अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर में नहीं पड़ना चाहेगा भारत

अमेरिका और चीन के बीच पिछले साल मार्च में ट्रेड-वार शुरू हुई थी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन से आने वाले स्टील और अल्युमीनियम के उत्पादों पर भारी आयात शुल्क लगा दिया था। ट्रंप के इस कदम से वैश्विक ट्रेड वार होने का खतरा मंडराने लगा था। फिलहाल अमेरिका ने 250 अरब डॉलर के चीनी इंपोर्ट पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया है। इसके जवाब में चीन ने भी अरबों डॉलर के अमेरिकी आयात पर टैरिफ लगाया है। पनगढ़िया ने कहा कि, हालांकि अभी अमेरिका और भारत के बीच व्यापार चिंताजनक है, लेकिन भारत निश्चित रूप से अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर में नहीं पड़ना चाहेगा। भारत हमेशा से अमेरिका के साथ दोस्त के रूप में रहा है, ट्रेड वॉर की तरफ जाना अच्छा फैसला नहीं होगा।

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