विज्ञापन
Home » Economy » Foreign TradeImproved exports due to Indian tea and iron but pulses increased trade deficit

आयात- निर्यात / चाय और लोहे की वजह से भारत का निर्यात सुधरा लेकिन दालों ने बढ़ाया व्यापार घाटा

क्रूड, दाल, सोना आदि की वजह से आयात ज्यादा बढ़ा जबकि निर्यात में महज 6.45 फीसदी का ही इजाफा हुआ

Improved exports due to Indian tea and iron but pulses increased trade deficit

नई दिल्ली. भारत में दालों की कम पैदावार, सोने व क्रूड की मांग ने व्यापार संतुलन बिगाड़ दिया है। अप्रैल 19 में भारत ने 717 करोड़ रुपए की दालों का आयात किया जो कि बीते साल अप्रैल में महज 289 करोड़ था। यानी इसमें 147 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं क्रूड और सोने के आयात में भी जबरदस्त उछाल है। अप्रैल में भारत ने 78989 करोड़ रुपए का क्रूड खरीदा है। यह बीते साल अप्रैल के मुकाबले 15.58 फीसदी ज्यादा है। हालांकि आयात और निर्यात के संतुलन को कायम रखने में चाय और कच्चे लोहे का जबरदस्त रोल है। भारतीय कच्चे लोहे की मांग अप्रैल 2019 में 144 फीसदी बढ़ गई। भारत ने 1377 करोड़ रुपए का लोहा निर्यात किया। इसी तरह चाय के निर्यात में भी 37.85 फीसदी का उछाल है। 

 

जीएसपी के चलते इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यात में आई कमी 


भले ही अमेरिका ने अभी जीएसपी खत्म नहीं किया है लेकिन इसका असर शुरू हो गया है। भारत से सबसे ज्यादा निर्यात इंजीनियरिंग गुड्स को होता है। अप्रैल 2019 में भारत ने 46385 करोड़ रुपए का निर्यात किया। जबकि बीते साल इसी समयावधि में निर्यात 47186 करोड़ रुपए था। यानी इसमें 1.7 फीसदी की गिरावट आई है। 

यह भी पढ़ें : नई सरकार जून में जारी करेगी 5G के लाइसेंस, अगले साल से लोगों को मिलेगी सुविधा
 

इलेक्ट्रॉनिक यूनिट्स खुलने का हो रहा है फायदा 


भारत में मोबाइल कंपनियों की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट, हार्डवेयर यूनिट आदि खुलने से इलेक्ट्रॉनिक आयट्स के निर्यात में रिकॉर्ड 35.16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस साल अप्रैल में 4964 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया जबकि बीते साल इसी वक्त में 3672 करोड़ रुपए का निर्यात था। हैंडीक्राफ्ट और हैंडमेट कार्पेट की मांग भी बनी हुई है। इसमें भी 38.30 फीसदी का उछाल है। 

यह भी पढ़ें : कार के बाद अब ड्राइवर लैस ट्रक, स्वीडन में टेस्टिंग शुरू

महंगाई रोकने की सख्ती का असर भी निर्यात पर 


चुनाव के वक्त खाने-पीने की चीजों के दामों पर अंकुश लगाने की सरकार की कोशिश का असर भी व्यापार पर पड़ा है। गेंहू, चीनी आदि पर ज्यादा निर्यात शुल्क लिए जाने की वजह से अनाज निर्यात में 41.51 फीसदी की गिरावट आई है। भारत ने अप्रैल 2018 में 201 करोड़ रुपए के अनाज का निर्यात किया था जबकि इस साल अप्रैल में 118 करोड़ रुपए आंकड़ा सिमट गया। 

यह भी पढ़ें : 24 घंटे सातों दिन कर सकेंगे पैसे का ऑनलाइन ट्रांसफर, आरबीआई ला रहा है नया ट्रांजेक्शन नियम
 


सोने पर बंदिश नहीं आई काम

 

सोने का आयात कम करने के लिए केंद्र सरकार की तमाम बंदिशें भी काम नहीं आई है।  महज अप्रैल में ही सोने के आयात में 53  प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में भारत ने सोने के आयात के लिए 39.72 बिलियन डॉलर दिए। जबकि बीते साल अप्रैल में ही 25.79 बिलियन डॉलर मूल्य का सोना आयात किया था। इसी वजह से भारत का व्यापार घाटा भी बढ़ गया है।

यह भी पढ़ें : घर का कंप्लीशन सर्टिफिकेट एक अप्रैल से पहले का है तो आपको बकाया राशि पर 12% जीएसटी देना होगा

 

8.78 बिलियन डॉलर हुआ व्यापार घाटा


वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एक बयान के अनुसार अप्रैल 2019 के लिए व्यापार घाटा 8.78 बिलियन डॉलर अनुमानित है। जबकि इसी अवधि में बीते साल अप्रैल 2018 में 7.07 बिलियन डॉलर था। हालांकि बीते साल के 25.91 बिलियन की तुलना में इस साल अप्रैल में मर्चेंडाइज का निर्यात कुल 26.07 बिलियन डॉलर था। यानी कि 0.64 फीसदी की सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है। रुपये में बात करें तो  निर्यात 1,45,053 करोड़ रुपये से 6.45 प्रतिशत बढ़कर 181,021 करोड़ रुपये हो गया।

यह भी पढ़ें : 31 मई तक दो सरकारी बीमा पॉलिसी के लिए बैंक में 342 का बैलेंस जरूर रखें, 4 लाख रुपए तक का रिस्क कवर मिलेगा

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Don't Miss