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महंगाई / ट्रंप के एक फैसले ने बढ़ा दी भारत की मुश्किल, आने वाली नई सरकार पर डाला महंगाई का बोझ 

अमेरिका ने भारत को ईरान से व्यापार में दी गई छूट की अवधि और बढ़ाने से इनकार कर दिया है।   

Bad news for bike and car operators, petrol and diesel prices will rise in May
  • अमेरिका ने भारत को ईरान से तेल खरीदने में दी गई छूट की अवधि और बढ़ाने से इनकार कर दिया।
  • भारत में 2 मई के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम 80 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा हो सकते हैं।



 

नई दिल्ली. अमेरिका ने भारत को ईरान से तेल खरीदने में दी गई छूट की अवधि और बढ़ाने से इनकार कर दिया। ऐसे में भारत समेत कोई भी देश अब ईरान से तेल आयात नहीं कर सकेगा। देश में पहले से ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख है। जब 2 मई से छूट खत्म होगी, तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। ऐसे में बाइक और कार चलाने वालों पर महंगाई की मार पड़ सकती है। 

 

देश के प्रमुख शहरों के आज के दाम रुपए में (प्रति लीटर)

शहर   पेट्रोल डीजल 
दिल्ली  73 73 
मुंबई  75  69.56
कोलकाता   78   68.13
चेन्नई    75 70.10

        

बिगड़ सकता है रसोई का बजट
 

भारत में 2 मई के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम 80 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा हो सकते हैं। ऐसे में भारत में महंगाई फिर जोर पकड़ सकती है। ऐसे में खाना-पीनी और ट्रैवल करना महंगा हो सकता है। साथ ही घर के रसोई का बजट भी बिगड़ सकता है। 

 

भारत को मिल रही छूट बढ़ाने से अमेरिका का इनकार 

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से तेल आयात कर रहे देशों को दी गई छूट ख़त्म करने का ऐलान किया है। ईरान की ओर से परमाणु कार्यक्रम जारी रखने की वज़ह से अमेरिका ने बीते साल 2015 में उसके साथ हुआ समझौता तोड़ दिया था। फिर नवंबर में उसने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध भी लागू कर दिए। साथ ही उसने दुनिया के सभी देशों से ईरान से कच्चे तेल का आयात बंद करने का निर्देश दिया था और धमकी दी थी कि ऐसा न करने वाले देशों को भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

 

अमेरिका ने ईरान पर लगाए प्रतिबंध 


बता दें कि ईरान की ओर से परमाणु कार्यक्रम जारी रखने की वज़ह से अमेरिका ने बीते साल 2015 में उसके साथ हुआ समझौता तोड़ दिया था। फिर नवंबर में उसने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध भी लागू कर दिए। साथ ही उसने दुनिया के सभी देशों से ईरान से कच्चे तेल का आयात बंद करने का निर्देश दिया था और धमकी दी थी कि ऐसा न करने वाले देशों को भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

 

इन देशों को मिली थी छूट

भारत, चीन, ग्रीस, इटली, ताइवान, जापान, तुर्की और दक्षिण कोरिया को प्रतिबंधों से छूट मिली थी। इस दौरान इन देशों को ईरान से कच्चे तेल के आयात में धीरे-धीरे कम करने न के बराबर करना था। ईरान चीन के बाद भारत को तेल निर्यात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। वित्त वर्ष 2017-18 में भारत ने ईरान से 2.26 करोड़ टन या 4,52,000 बैरल प्रतिदिन की तेल की खरीद की थी।

 

बाकी देशों से सस्ते में तेल खरीदता था भारत 

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत ईरान को खाद्यान्न, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों का निर्यात करता था। इसे बदले तेल के भुगतान की आधी राशि निर्यात से मिले रुपये से की जाती थी। भारत को अमेरिका से यह छूट आयात घटाने तथा एस्क्रो भुगतान के बाद मिली है।इस साल भारत का ईरान से कच्चे तेल का औसत आयात 5,60,000 बैरल प्रतिदिन रहा है। 

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