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भारत-चीन 'दोस्‍ती' में ये 4 चीजें बदल सकती है तस्‍वीर, दोनों को होगा फायदा

प्रधानमंत्री मोदी भारत और चीन के संबंध को नया आयाम देने के लि‍ए चीन गए हैं।

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नई दि‍ल्‍ली. प्रधानमंत्री मोदी भारत और चीन के संबंध को नया आयाम देने के लि‍ए चीन गए हैं। जहां उनकी चीन के राष्‍ट्रपति‍ से कई मुद्दाेें पर बात होनी है। बाजार की बात करें तो भारतीय स्‍मार्टफोन मार्केट समेत भारत के इलेक्‍ट्रॉनि‍क्‍स बाजार पर चीनी कंपनि‍यों का बोलबाला है। भारत चीन से कई चीजें इंपोर्ट कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर चीन कई ऐसी चीजें दुनि‍याभर से खरीदता है, जो उसे पड़ाेसी देश होने के चलते भारत से आसानी से मि‍ल सकती हैं, लेकि‍न चीन भारत की अनदेखी कर अन्‍य देशों से सामान खरीदता है। ऐसे में अगर दोनों देश इन 4 चीजों पर थोड़ा ध्‍यान दें तो भारत-चीन के संबंधों की तस्‍वीर बदल सकती है। 

 
भारत और चीन के बीच कौन करता है कि‍तना एक्‍सपोर्ट    
 
दोनों देशों के बीच आपसी एक्‍सपोर्ट और इंपोर्ट की बात करें तो भारत चीन को करीब 10.17 अरब डॉलर का माल एक्‍सपोर्ट करता है। वहीं, दूसरी ओर चीन भारत को करीब 61.11 अरब डॉलर का माल सप्‍लाई करता है। इन आंकड़ों के हि‍साब से भारत चीन से बहुत 61.11 अरब डॉलर कम एक्‍सपोर्ट करता है। ऐसे में आइए हम आपको बता रहे हैंं उन चीजें के बारे में जो चीन भारत की अनदेखी कर अन्‍य देशों से खरीदता है। वहीं, भारत उन सभी चीजों का कि‍तना एक्‍सपोर्ट करता है।
आगे पढ़ें : कौन से चीजें खरीदने में भारत की अनदेखी करता है चीन 
चावल 
 
भारत दुनि‍या के सबसे बड़े चावल उत्‍पादक देशों में से एक है और यही कारण है कि‍ बड़े पैमाने पर चावल का एक्‍सपोर्ट भी करता हैै। आंकड़ों की बात करें तो भारत 5.3 अरब डॉलर का चावल दुनि‍याभर में एक्‍सपोर्ट करता है। वहीं, चीन करीब 1.5 अरब डॉलर का चावल इंपोर्ट करता है। इतने चावल के लि‍ए चीन कई देशों से चावल मंगाता है, लेकि‍न वह भारत की पूरी तरह से अनदेशी करता है। 
भैंस का मीट  
 
चीन दुनि‍या भर से करीब 2.45 अरब डॉलर की कीमत का भैंस का मीट इंपोर्ट करता है। वहीं, दूसरी ओर भारत 3.68 अरब डॉलर कीमत का मीट एक्‍सपोर्ट करता है। इसके बावजूद चीन भारत से मीट नहीं खरीदता। 
एलुमीनि‍यम एलॉय 
 
भारत की बात करें तो यह दुनि‍याभर को करीब 12.1 करोड़ डॉलर का एलुमीनि‍यम एलॉय एक्‍सपोर्ट करता है। वहीं, चीन भारत की अनदेखी कर अन्‍य देशों से करीब 87.4 करोड़ डॉलर का एलुमीनि‍यम एलॉय इंपोर्ट करता है। 
मेडि‍सि‍न 
 
भारत दुनि‍याभर को करीब 10.9 करोड़ डॉलर की मेडि‍सि‍न जि‍समें इंसुलि‍न भी शामि‍ल है का एक्‍सपोर्ट करता है। वहीं, दूसरी ओर चीन 62.5 करोड़ डॉलर की दवाओं का इंपोर्ट करता है। लेकि‍न इसमें भी वह भारत की अनदेखी कर अन्‍य देशों से सामान खरीदता है। 
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