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जून में एक्सपोर्ट 17.6% बढ़कर 27.70 अरब डॉलर के स्तर पर, लेकिन ट्रेड डेफिसिट 43 महीने के हाई पर पहुंचा

जून में एक्सपोर्ट ने सरकार को कुछ राहत दी, लेकिन इंपोर्ट बढ़ने से एक बार फिर ट्रेड डेफिसिट तगड़ा झटका दिया है।

India's exports up 17.57 pc at USD 27.7 bn in June; trade deficit widens to 43-month high

नई दिल्ली. जून में एक्सपोर्ट ने सरकार को कुछ राहत दी, लेकिन इंपोर्ट बढ़ने से एक बार फिर ट्रेड डेफिसिट ने तगड़ा झटका दिया है। जून में एक्सपोर्ट 17.6 फीसदी बढ़कर 27.70 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। वहीं महंगे क्रूड के इंपोर्ट से ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 16.6 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जो साढ़े तीन साल का हाई है। 
कॉमर्स मिनिस्ट्री द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक जून में इंपोर्ट 21.3 फीसदी बढ़कर 44.3 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। 

 

 

पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के दम पर बढ़ा एक्सपोर्ट 
एक्सपोर्ट में बढ़ोत्तरी की मुख्य वजह पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स रहे, जो 52.5 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ 4.07 अरब डॉलर तक पहुंच गए। वहीं केमिकल्स, फार्मास्युटिकल्स, जेम्स एंड ज्वैलरी और इंजीनियरिंग गुड्स के प्रदर्शन में भी सुधार दर्ज किया गया। हालांकि टेक्सटाइल, लेदर, मैरीन प्रोडक्ट्स, पोल्ट्री, काजू, चावल और कॉफी की शिपमेंट में गिरावट दर्ज की गई। 

 

 

फिस्कल डेफिसिट के मोर्चे पर बढ़ेगी सरकार की चिंता 
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (फियो) के प्रेसिडेंट गणेश गुप्ता ने ट्रेड डेफिसिट में बढ़ोत्तरी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इससे करंट अकाउंट डेफिसिट पर असर पड़ेगा, जिससे फिस्कल डेफिसिट के मोर्चे पर सरकार की चिंताएं बढ़ सकती हैं। एक बयान जारी कर उन्होंने कहा, ‘एक्सपोर्ट्स के एमएसएमई सेक्टर्स को लिक्विडिटी की तंगी के चलते दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बैंकिंग और लेंडिंग एजेंसियां लगातार लेंडिंग नॉर्म्स को सख्त करती जा रही हैं।’

 

 

इंपोर्ट बढ़ने से ट्रेड डेफिसिट ने दिया झटका
जून में ट्रेड डेफिसिट नवंबर, 2014 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है, जब यह 16.86 अरब डॉलर रहा था। इससे पहले मई में ट्रेड डेफिसिट 12.96 अरब डॉलर रहा था। वित्त वर्ष 2018-19 की अप्रैल-जून अवधि की बात करें तो एक्सपोर्ट 14.21 फीसदी बढ़कर 82.47 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं वित्त वर्ष के पहले क्वार्टर के दौरान इंपोर्ट में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई, जो 13.49 फीसदी बढ़कर 127.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इंपोर्ट में बढ़ोत्तरी के चलते इस अवधि के दौरान ट्रेड डेफिसिट 44.94 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।

 

 

ऑयल इंपोर्ट बढ़ा, गोल्ड इंपोर्ट पांच महीने के लो पर 
वहीं जून के दौरान ऑयल इंपोर्ट 56.61 फीसदी बढ़कर 12.73 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि गोल्ड के इंपोर्ट में कमी दर्ज की गई, जो 3 फीसदी घटकर 2.38 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। वैल्यू के आधार पर यह गोल्ड इंपोर्ट का पांच महीने के निचले स्तर है। बीते साल जून में 2.45 अरब डॉलर के गोल्ड का इंपोर्ट हुआ था। 
वहीं जूनमें चांदी का इंपोर्ट दोगुने से भी ज्यादा रहा। यह 104.58 फीसदी की ग्रोथ के साथ 36.42 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया। बीते साल जून में 17.80 करोड़ डॉलर की चांदी दी आयात किया गया था। 

 

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