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अमेरिका के बाद रूस ने भी भारत भेज दिया टैंकर, मोदी ने कर डाली बड़ी डील

अमेरिका सहित तीन देशों के बाद मोदी ने रूस से कर डाली बड़ी डील।

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न‍ई दिल्‍ली. मोदी सरकार ने एक और बड़ी डील कर दी है। भारत की एनर्जी जरूरत को पूरा करने के लिए मोदी सरकार लीक से हटकर फैसले कर रही है और सफल भी हो रही है। कुछ दिन पहले ही अमेरिका से डील के तहत LNG गैस का टैंकर आया था, लेकिन भारत ने इसी बीच एक और बड़ी डील कर ली और रूस का टैंकर भी LNG लेकर भारत आ गया है। रूस से भारत ने 20 साल तक गैस खरीदने का सौदा किया है। 

 

रूस से पहला टैंकर पहुंचा भारत

रूस से एलएनजी लेकर पहला टैंकर पेट्रोनेट के एलएनजी टर्मिनल पहुंचा। रूस की कंपनी गेजप्रोम ने इस एलएनजी की आपूर्ति की है। रूस की यह कंपनी 3.4 ट्रिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (TBtu) की आपूर्ति नाइजीरिया से करेगी। रूस से आए इस टैंकर को ऑयल एंड पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद प्रधान ने रिसीव किया।

 

 

भारत के लिए गोल्‍डन डेः प्रधान   
प्रधान ने कहा कि यह दिन भारत के लिए गोल्‍डन डे है। उन्‍होंने कहा कि पहले भारत ने कतर से आने वाली एलएनजी के रेट को कम करने पर बात की, इसके बाद ऑस्‍ट्रेलिया से आपूर्ति की बात पक्‍की हुई और अब रूस से नई शर्तों पर गैस की आपूर्ति शुरू हो गई है। उन्‍होंने बताया कि भारत रूस से अगले 20 सालों के दौरान 25 अरब डॉलर की एलएनजी का आयात करेगा। कुछ साल पहले तक भारत सिर्फ कतर से ही एलएनजी का आयात कर रहा था, लेकिन अब ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और रूस से भी एलएनजी का आयात हो रहा है।

 


इकोनॉमी में बढ़ रहा है गैस का इस्‍तेमाल
उन्‍होंने कहा कि भारत की इकोनॉमी में गैस का इस्‍तेमाल बढ़ाया जा रहा है। अभी भारत की इकनॉमी के एनर्जी बास्‍केट में गैस का योगदान 6.2 फीसदी है, जिसे बढ़ाकर 15 फीसदी करने का लक्ष्‍य है। उन्‍होंने कहा कि भारत में पॉवर जेनरेशन से लेकर स्‍टील उत्‍पादन तक में इसका इस्‍तेमाल बढ़ाया जा सकता है। इससे कार्बन इमिशन में कटौती के लिए COP21 कमिटमेंट को पूरा करने में मदद भी मिलेगी।

 


45 फीसदी गैस का आयात करता है भारत
भारत अपनी जरूरत का 45 फीसदी गैस का अायात करता है। उन्‍होंने कहा कि रूस से एलएनजी के आयात के साथ ही ऑयल एंड गैस के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि रूस, भारत की हाइड्रोकार्बन जरूरतों को पूरा कर सकता है।
 


गेल ने दोबारा तय किया रेट
गेल ने रूस की कंपनी गेजप्रोम के साथ एलएनजी को लेकर दोबारा बातचीत की थी। इसके बाद नई शर्तों और रेट के साथ 20 साल के लिए एलएनजी आपूर्ति का कॉन्ट्रैक्ट किया है।
कंपनी के चेयरमैन बीसी त्रिपाठी के अनुसार 0.5 MT की आपूर्ति 2018-19 में, 0.75 MT की आपूर्ति 2019-20 और 1.5 MT की आपूर्ति तीसरे साल 2020-21 में होगी। चौथे साल से गेल 2.5 MT एलएनजी का आयात करेगा।

 

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