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बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Foreign TradeFY19 में 4 साल के हाई पर पहुंच सकता है ट्रेड डेफिसिट, कमजोर रुपया पड़ेगा भारीः इंडिया रेटिंग्स

FY19 में 4 साल के हाई पर पहुंच सकता है ट्रेड डेफिसिट, कमजोर रुपया पड़ेगा भारीः इंडिया रेटिंग्स

मुंबई. रुपए पर लगातार हावी कमजोरी से ट्रेड डेफिसिट को तगड़ा झटका लग सकता है। इंडिया रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि रुपए के कमजोर होने से वित्त वर्ष 2019 में भारत का ट्रेड डेफिसिट चार साल के हाई 178.1 अरब डॉलर या जीडीपी के 6.4 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकता है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि रुपए के कमजोर होने से क्रूड और गोल्ड के इंपोर्ट के मद में खर्च खासा बढ़ने का अनुमान है, जिसका असर ट्रेड डेफिसिट पर पड़ेगा।

 


वित्त वर्ष 18 में 6 फीसदी रहा था ट्रेड डेफिसिट 
वित्त वर्ष 18 में ट्रेड डेफिसिट 156.8 अरब डॉलर या जीडीपी का 6 फीसदी रहा था। इंडिया रेटिंग्स ने डॉलर की तुलना में रुपए में कमजोरी के बीच यह अनुमान जारी किया है। एजेंसी ने कहा कि ट्रेड डेफिसिट बढ़ने, कमोडिटी प्राइसेस विशेषकर क्रूड में बढ़ोत्तरी के साथ ही यूएस फेड द्वारा अपनी रेट्स में बढ़ोत्तरी के अनुमान के बीच रुपए पर प्रेशर बढ़ रहा है।
एजेंसी ने कहा कि वित्त वर्ष 18 में ट्रेड घटकर जीडीपी का 40.6 फीसदी रह गया है, जबकि वित्त वर्ष 13 में यह 55.8 फीसदी था। गिरावट की की वजह एक्सपोर्ट्स मार्केट्स की सुस्त ग्रोथ और प्रोटेक्शनिज्म में बढ़ोत्तरी रही है। 

 

 

एलयूसी पर बैन का नहीं पड़ेगा खास असर 
एक्सपोर्ट्स के मोर्चे पर एजेंसी ने कहा कि हाल में लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स पर आरबीआई द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले का कुल एक्सपोर्ट्स परफॉर्मैंस पर खास असर नहीं पड़ेगा। बैन का असर उन एक्सपोर्ट आइटम्स पर पड़ेगा, जिनमें इस्तेमाल होने वाले इनपुट्स या रॉ मैटेरियल्स इंपोर्ट किए जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से फ्रॉड से प्रभावित जेम्स और ज्वैलरी सेक्टर के एक्सपोर्टर्स शामिल है, जिन पर ‘एलओयू/एलसी पर बैन का सबसे ज्यादा’ असर पड़ा है। 

 

 

गोल्ड और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट्स में बढ़ोत्तरी 
वित्त वर्ष 18 में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट में 25.7 फीसदी, गोल्ड, सिल्वर और प्रीसियस मेटल्स के इंपोर्ट में 32.1 फीसदी के कारण कुल इंपोर्ट 19.7 फीसदी बढ़कर 459.7 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। 

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