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भारत लगाएगा अमेरिकी उत्‍पादों पर अतिरिक्‍त ड्यूटी, स्‍टील निर्यात के नुकसान को करेगा पूरा

अमेरिका की तरफ से स्‍टील उत्‍पादों पर अतिरिक्‍त ड्यूटी लगाने के प्रस्‍ताव के खिलाफ भारत ने कड़े कदम उठाने घोषणा की है।

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नई दिल्‍ली. अमेरिका की तरफ से स्‍टील और एल्‍यूमीनियम उत्‍पादों पर अतिरिक्‍त ड्यूटी लगाने के प्रस्‍ताव के खिलाफ भारत ने कड़े कदम उठाने की घोषणा की है। भारत ने WTO को बताया है कि अगर अमेरिका ने अपने कदम वापस नहीं लिए ताे वह 20 अमेरिकी उत्‍पादाें पर 100 फीसदी तक ड्यूटी लगाएगा। इनमें सेब, आयात होने वाली मोटरसाइकिलें और अन्‍य उत्‍पाद शामिल हैं। अमेरिका ने पिछले दिनों भारत के स्‍टील एंड एल्‍यूमीनियम के उत्‍पादों पर 5 से लेकर 100 फीसदी तक ड्यूटी लगाने की घोषणा की थी। 

 
 
इन उत्‍पादों पर भारत बढ़ा सकता है ड्यूटी 
20 वस्तुओं में ताजे सेब, मटर, अखरोट, सोयाबीन तेल, परिष्कृत पामोलिन, कोको पाउडर, चॉकलेट उत्पाद, गोल्फ कार, 800 सीसी से अधिक इंजन क्षमता के साथ मोटर साइकिल और अन्य वाहन शामिल हैं। हालांकि अमेरिका ने कहा है कि ट्रम्प प्रशासन की तरफ से उठाए गए यह कमद सेफगार्ड कदम नहीं हैं। 
 
 
WTO काउंसिल ने दी जानकारी
WTO की काउंसिल फॉर ट्रेड इन गुड्स ने बताया है कि भारत ने उसे जानकारी दी है कि वह सामानों को मिलने वाली छूट को खत्‍म कर सकता है। उनके अनुसार भारत ने बताया है कि उतनी छूट खत्‍म की जा सकती है जितना अमेरिका के ड्यूटी बढ़ाने से भारत को नुकसान होगा। काउंसिल के अनुसार भारत ने कहा है कि छूट खत्‍म करने का मतलब भारत खास सामानों पर टैरिफ को बढ़ाना। 
 
 
भारत ने अमेरिका से किया है आग्रह 
इससे पहले भारत ने अमेरिका से आग्रह किया है कि वह स्‍टील और एल्‍यूमीनियम उत्‍पादों पर ड्यूटी बढ़ाने के अपने फैसले पर दोबारा विचार करे। अमेरिका ने देश हित में इस फैसले को WTO समझौता के अनुरूप बताया था। 
 
 
9 मार्च को अमेरिका ने की थी घोषणा
अमेरिका 9 मार्च को अपने इस फैसले की घोषणा की थी। इस में उसने कहा था कि भारत से आयत होने वाले स्‍टील पर 25 फीसदी और एल्‍यूमीनियम पर 10 फीसदी अतिरिक्‍त ड्यूटी लगाई जाएगी। इस ड्यूटी हाईक से केवल कनाडा और मैक्सिको को छूट दी गई थी। यह ड्यूटी हाईक 21 जून 2018 से लागू होनी है। 
 
 
बिना चर्चा के अमेरिका ने उठाया कदम 
भारत ने कहा है कि अमेरिका ने यह कदम बिना चर्चा के उठाया है। भारत ऐसे में अमेरिका को दी जा रही रियायत को खत्‍म कर सकता है। यह उतना ही किया जा सकता है जितना अमेरिकी कदम से भारत को नुकसान होगा। भारत ने कहा है कि यह उसके अध्‍ािकार है कि वह जरूरत के हिसाब से ड्यूटी को बढ़ा सके। 
 
 
इतना पड़ेगा असर 
भारत ने कहा है कि स्‍टील पर अमेरिकी ड्यूटी बढ़ाने से भारत को करीब 134.4 मिलियन डॉलर और एल्‍यूमीनियम पर ड्यूटी बढ़ाने से करीब 31.16 मिलियन डॉलर का प्रभाव पड़ेगा। 
 
 
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