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चावल के बदले ईरान से क्रूड ऑयल खरीद सकता है भारत, बड़ी डील की तैयारी

भारत और ईरान मिलकर कच्‍चे तेल के खरीद के भुगतान के नए तरीके पर काम कर रहे हैं।

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नई दिल्‍ली. भारत और ईरान मिलकर क्रूड के एवज में भुगतान के नए तरीके पर काम कर रहे हैं। भारत अरब देशों से कच्‍चा तेल खरीदता है और तेहरान का प्रस्‍ताव है कि चावल और अन्‍य वस्‍तुओं के आयात से इसे एडजस्‍ट किया जाए। इसके बाद जो भुगतान बचे उसका पेमेंट यूरो में किया जाए।

 

 

अभी यूरो में हो रहा पूरा भुगतान 

अभी भारत की रिफानरी कच्‍चे तेल के आयात का भुगतान बैंंकिंग चैनल के माध्‍यम से यूरो में करती हैं। यह भुगतान भारत और यूरोपियन बैंक के माध्‍यम से किया जाता है। इस बीच ईरान ने एक औपचारिक प्रस्‍ताव इस संबंध में दिया है। यह प्रस्‍ताव रिजर्व बैंक के पास आया है, जो इसके लिए मैकेनिज्‍म सुझाएगा। इसके लिए आरबीआई सरकार से सलाह लेगा।

 

 

अधिकारियों में हो चुकी है वार्ता

इस भुगतान प्रणाली को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच ईरान में एक माह पहले वार्ता हो चुकी है। ईरान इसी तरीके से कच्‍चे तेल का भुगतान तुर्की लेता है।

 

 

2016 में ईरान से खत्‍म हुई थी आर्थिक नाकेबंदी

अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने ईरान पर आर्थिक नाकेबंदी को 2016 में खत्‍म किया था। इसके बाद ही भारतीय कंपनियां ईरान को भुगतान कर पाई थी। भारत की मंगलौर रिफायनरी, एस्‍सार ऑयल, इंडियन ऑयल कार्पोरेश ने ईरान पाबंदियों के चलते 55 फीसदी भुगतान रोक रखा था, जिसे यह पाबंदी खत्‍म होने के बाद यूरो में चुकता किया गया। बाकी 45 फीसदी भुगतान ईरान को रुपए में किया गया था।

 

 

हाल में भारत दौरे पर आए थे ईरान के राष्‍ट्रपति

ईरान के राष्‍ट्रपति हसन रूहानी ने हाल ही में भारत का दौरा किया है। इसमें कच्‍चे तेल के आयात को बढ़ाने पर सहमति बनी है। आगले वित्‍तीय साल में ईरान भारत को रोजाना 5 लाख बैरल कच्‍चे तेल का निर्यात ज्‍यादा करेगा। पूरे साल में यह निर्यात करीब 25 मिलियन बैरल होगा। यह वर्ष 2017-18 के मुकाबले 35 फीसदी ज्‍यादा होगा। इस साल भारत ईरान से करीब 18.5 मिलियन बैरल कच्‍चा तेल खरीदेगा। भारत ने वर्ष के दौरान 2016-17 के दौरान 214 मिलियन बैरल कच्‍चे तेल का आयात किया था।

 

 

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