Home » Economy » Foreign TradeWorld largest amphibious plane successfully launced

धरती के साथ पानी पर से भी उड़ेगा दुनिया का सबसे बड़ा प्लेन, हो गया सफल परीक्षण

शनिवार को चीन ने किया सफल परीक्षण

1 of

 

नई दिल्ली. अब तक आपने धरती से प्लेन को आसमान में उड़ते देखा होगा। लेकिन अब प्लेन पानी पर से भी आसमान में उड़ेगा। शनिवार को इस प्लेन का सफल परीक्षण हो गया। यह प्लेन दुनिया का सबसे बड़ा प्लेन है। एजी600 नामक प्लेन को चीन ने बनाया है। इस प्लेन की सबसे बड़ी खासियत है कि यह जमीन के साथ पानी में उतर सकता है और धरती के साथ पानी पर से आसमान में भी उड़ सकता है। पानी पर यह चल भी सकता है।

 

समुद्र में उतरा विमान 

चीन की सरकारी विमानन कंपनी एविएशन इंडस्ट्री कोरपोरेशन ऑफ चाइना द्वारा निर्मित इस विमान ने हूबेई प्रांत के जिंगमेन में उड़ान भरी और बाद में समुद्र में उतरा। अखबार चाइना डेली ने बताया कि जलस्थलीय विमान ने स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 51 मिनट पर झांघे जलाशय से उड़ान भरी और वह करीब 15 मिनट तक हवा में रहा। इस महीने की शुरुआत में इसने 145 किलोमीटर की गति के साथ पानी में चलने का पहला परीक्षण पूरा किया था।

 

चीन की सेना में शामिल हो सकता है यह प्लेन

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, इसका इस्तेमाल मुख्यत: समुद्री बचाव, वन में आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य और समुद्री निगरानी के लिए किया जाएगा। लेकिन चीन के अखबार में यह भी कहा  गया है कि बाद में इस प्लेन को चीनी सेना का हिस्सा बनाया जा सकता है। इस प्लेन को विकसित करने में आठ साल लग गए।

 

आगे पढ़ें : कितने लोग कर सकते हैं सफर 

 

 

50 लोग कर सकते हैं सफर 

सबकुछ फाइनल होने के बाद एजी600 का उत्पादन जुलाई 2016 में शुरू हुआ था और पिछले साल दिसंबर में इसने पहली उड़ान भरी थी। तब एजी600 ने जमीन से हवा में उड़ान भरी थी। शनिवार को यह आसमान से पानी में उतरा।.समुद्री अभियान के दौरान इन प्लेन में 50 लोग जा सकते है। यह 12 टन पानी भी अपने साथ ले जा सकता है।

 

आगे पढ़ें : समुद्र की निगरानी करेगा चीन 

 

दक्षिणी चीनी समुद्र में निगरानी

चीन इस प्लेन का इस्तेमाल दक्षिणी चीनी समुद्र की निगरानी के लिए कर सकता है। यह इलाका विवादित है और चीन अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है। वर्ष 2022 तक चीन की मिलिट्री में ऐसे 8 प्लेन शामिल हो सकते हैं। हालांकि चीन की तरफ से इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि इस प्लेन को बनाने में क्या लागत आई है। चीन के सरकारी विभाग से ऐसे 17 प्लेन बनाने के आर्डर मिल चुके हैं। बताया जा रहा है कि बाद में चीन इसे दूसरे देशों को भी बेच सकता है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट