Home » Economy » Foreign Tradeवेनेजुएला ने 30 फीसदी सस्‍ता कच्‍चा तेल देने का ऑफर

मोदी मान लें शर्त, तो 30 फीसदी सस्‍ता तेल देने को तैयार है ये देश

वेनेजुएला ने भारत को एकशानदार ऑफर दिया है। उसने अरब देशों से 30 फीसदी सस्‍ता कच्‍चा तेल देने का ऑफर दिया है।

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नई दिल्‍ली। लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला ने भारत को एकशानदार ऑफर दिया है। उसने अरब देशों से 30 फीसदी सस्‍ता कच्‍चा तेल देने का ऑफर दिया है। हालांकि इसके लिए उसकी एक शर्त है। वेनेजुएला चाहता है कि क्रूड के बदले भारत सरकार जो पैसा दे वह उसकी क्रिप्‍टो करंसी पैक्‍ट्रो के जरिए दें । दरअसल अपनी क्रिप्‍टोकरंसी को मजबूत बनाने के इरादे से वेनेजुएला ने कई देशों को इस तरह का ऑफर दिया है। यह किसी देश की ओर से जारी की गई पहली वर्चुअल करंसी है। वेनेजुएला ने अपने ऑयल रिजर्व को ध्‍यान में रखकर ही इस करंसी की शुरुआत की है। कई लोग इसे सबसे सुरक्षित वर्चुअल करेंसी के तौर पर देख रहे हैं। 

 
अरब देशों को चोट 
अगर मोदी सरकार ऑफर स्‍वीकार करती है तो उसे अरब देशों से 30 फीसदी सस्‍ता क्रूड मिल सकता है। दरअसल पेट्रोलियम पर रूस को छोड़ दिया जाए तो बाकी अरब देशों की ही मोनोपॉली है। भारत भी अरब देशों से ही ज्‍यादातर क्रूड इम्‍पोर्ट करता है। ऐसे में अगर भारत वेनजुएला की ऑफर स्‍वीकार करता है तो सीधा सीधा असर अरब देशों को ही होगा।  
 
दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल रिजर्व वेनेजुएला के पास 
बता दें कि करीब 300 अरब बैरल के साथ  वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा पेट्रोलियम ऑयल रिजर्व है। वहीं 266 अरब बैरल के साथ सऊदी अरब दूसरे नंबर पर है। हालांकि देश में पॉलिटिकल अस्थिरता के चलते वह क्रूड निकालने में असमर्थ है।  वेनेज़ुएला की सरकारी कंपनी, पीडीवीएसए संसाधनों की कमी और लोगों की कमी के चलते पर्याप्त क्रूड का प्रोडक्‍शन नहीं कर पा रही है। इसके चलते हाल के सालों में उसका उत्‍पादन लगातार घटा है। इसके चलते उसके उपभोक्‍ता देश दूसरे देशों से क्रूड खरीदने लगे। ऐसे में वह अपने पुराने ग्राहक फिर से हासिल करने की फिराक में है। 
 
आम लोगों को कितना फायदा 
वेनेजुएला ने भले ही यह ऑफर दिया है, लेकिन एनर्जी एक्‍सपर्ट नरेंद्र तनेजा के मुताबिक, अगर मोदी सरकार वेनेजुएला का ऑफर मान भी लेती है तो भी देश के भीतर आम लोगों को बहुत ज्‍यादा फायदा नहीं होने जा रहा है। तनेजा के मुताबिक, वेजेजुएला भले ही दुनिया का सबसे बड़ा पेट्रोल रिजर्व वाला देश हो, लेकिन उसका क्रूड हार्ड है। इसकी रिफाइनरिंग कॉस्‍ट ज्‍यादा आती है। साथ ही अरब देशों के मुकाबले वेनजुएला भारत से काफी दूर भी है। ऐसे में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्‍ट भी बढ़ जाती है। तनेजा के मुताबिक, भारत अगर वेनेजुएला का ऑफर स्‍वीकार भी कर लेता है तो रिलेट कीमतों में बहुत अंतर नहीं पड़ने जा रहा है। 
लगातार मंदी झेल रही इकोनॉमी 
बीते करीब 6 साल से भयानक मंदी की मार झेल रही अर्थव्यवस्था ने वेनेजुएला में बड़ा संकट पैदा कर दिया है। इसके कारण सैकड़ों नागरिक हर दिन पड़ोसी देशों से भागते हैं।  यहां करीब हर दि‍न सरकार वि‍रोधी प्रदर्शन होते हैं। यहां के राष्‍ट्रपति‍ नि‍कोलस मदुरो अमेरि‍का के कट्टर वि‍रोधी हैं।  इस देश की जीडीपी 95 फीसदी तेल एक्सपोर्ट पर टिकी है। यूएस एनर्जी इनफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, जनवरी 2016 से जनवरी 2018 तक इसमें 50% से अधिक की गिरावट आई है। 

6.6 लाख बोलि‍वर का एक शैंपू 

हालात ये हैं कि‍ यहां एक साधारण शैंपू भी 6,60,862 बोलि‍वर में आता है। बोलि‍वर यहां की मुद्रा है, जि‍से शॉर्ट फॉर्म में BS लि‍खा जाता है। एक BS 0.00100 रुपए के बराबर है। यहां लोग खरीददारी करने के लि‍ए थैलों में पैसे लेकर जाते हैं। दुनि‍या में सबसे सस्‍ता पेट्रोल यहीं मि‍लता है। यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 0.01 अमेरि‍की डॉलर यानी करीब 67 पैसे में मि‍लता है।
 
जानें यहां है कि‍तनी महंगाई  
वस्‍तु      दाम BS में 
500 ग्राम  बोनलेस चि‍कन  339,630
1 लीटर दूध  156,134
12 अंडे  248,398 
1 कि‍लो टमाटर  137,462
1 कि‍लो सेब  327,523
2 लीटर कोका कोला  205,234
टॉयलेट पेपर के 4 रोल 550,783
टूथपेस्‍ट की एक ट्यूब  265,793
बालों की कटिंग  287,719
एक मि‍नट की कॉल  50,000
 
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