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भारत ने जवाब दिया तो हम क्‍या करेंगे, सोच में पड़ी अमेरिकी संसद

डोनाल्‍ड ट्रम्‍प की ओर से शुरू की गई ट्रेड वार ने अमेरिकी अधिकारियों को सकते में डाल दिया है...

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नई दिल्‍ली। डोनाल्‍ड ट्रम्‍प की ओर से शुरू की गई ट्रेड वार ने अमेरिकी अधिकारियों को सकते में डाल दिया है। उन्‍हें लगता है कि एल्‍यूमिनियम और स्‍टील पर लगी इम्‍पोर्ट ड्यूटी के चलते भारत उनपर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। अधिकारियों को लगता है कि अगर भारत ने जवाब दिया तो वो कुछ नहीं कर पाएंगे। मामला अमेरिकी संसद में उठ चुका है। अमेरिकी अधिकारियों को लग रहा है कि एल्‍यूमिनियम और स्‍टील पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी के जवाब में भारत मसालों को लेकर बड़ा कदम उठा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो अमेरिकी कंपनियां मुश्किल में पढ़ जाएंगी और अधिकारियों के पास कंपनियों के लिए कोई जवाब नहीं होगा।   


कार्रवाई कर सकता है भारत 
अमेरिका के  व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रॉबर्ट लाइथिजर ने साफ किया है कि राष्‍ट्रपति ट्रम्‍प के इस कदम के बाद भारत ऐसी स्थिति में हो सकता है, जहां वह जवाबी कार्रवाई करना चाहेगा। ट्रम्प की ओर से शुरू की गई ट्रेड वार को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए लाइथिजर ने अमेरिकी संसद को बताया कि भारत का सिस्‍टम इतना ओपन नहीं है। वहां  कई ऐसे पेच हैं, जिसके जरिए भारत  अमेरिकी हितों को प्रभावित कर सकता है । मेरा अंदाजा है कि भारत उस स्थिति में हो सकता है, जहां वह जवाबी कार्रवाई करना चाहेगा। भारत के साथ अमेरिका का व्यापार भारत के पक्ष में है और वह सरप्‍लस की स्थिति में है।


 

भारत के कानूनों में कई पेंच, उठा सकता है फायदा 
रॉबर्ट लाइथिजर ने भारत की ट्रड कानूनों पर सवाल उठाते हुए काह कि उनके पास एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें कई खामियां है। हम सभी को उनके साथ मिलकर काम करना चाहिए। रॉबर्ट मेरीलैंड के सीनेटर बेन कार्डिन के सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिन्होंने अमेरिकी मसाला उद्योग की चिंताओं को साझा किया था। अमेरिकी मसाला उद्योग मसालों का आयात करने के लिए भारत जैसे देशों पर बड़े पैमाने पर निर्भर है। उसे डर सता रहा है कि भारत जवाबी कार्रवाई कर सकता है।


 

हम कंपनी को क्‍या जवाब देंगे 
कार्डिन ने कहा कि जवाबी कार्रवाई के संबंध में मेरे पास कई सारी समस्याएं हैं। उदाहरण के तौर पर अमेरिकी की शीर्ष मसाला कंपनी मैककोर्मिक को ले लीजिए। वह ज्यादा से चीजें बाहर से मंगाते हैं। अपने मसाले के लिए उन्हें अन्य देशों से उत्पाद मंगाना पड़ता है। वास्तव में हमारे लिए चिंता का विषय यह है कि यदि जवाबी कार्रवाई की गई तो उनके पास कोई विकल्प नहीं बचेगा। मैं मैककॉर्मिक को क्या बताऊं? लाइथिजर ने कहा, मैं इस बारे में नहीं जानता कि वे कहां से मसाले खरीदते हैं। संभवत: बहुत-सी ऐसी जगहें होंगी जहां से वह मसाले खरीदते हैं। वे उस सूची में शामिल नहीं होंगे जो एल्युमीनियम या स्टील से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों को किसी भी तरह की विशिष्ट जवाबी कार्रवाई को लेकर ध्यान रखना चाहिए।

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