मसूद अजहर के मुद्दे पर बुरा फंसा चीन, इन 4 सेक्टर्स में उठना पड़ेगा नुकसान

China blocks effort at UN to ban Jaish chief Masood Azhar: चीन ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दिया। ऐसे में भारत में चीन के खिलाफ माहौल बन रहा है। इसका चीन को खामियाजा उठाना पड़ सकता है। कुछ ऐसा ही माहौल डोकलाम विवाद के वक्त भी पैदा हुआ था। लेकिन उस वक्त भारतीय सख्ती के आगे चीन को पीछे हटना पड़ा था।

Money Bhaskar

Mar 14,2019 04:17:00 PM IST

नई दिल्ली. चीन ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दिया। ऐसे में भारत में चीन के खिलाफ माहौल बन रहा है। इसका चीन को खामियाजा उठाना पड़ सकता है। कुछ ऐसा ही माहौल डोकलाम विवाद के वक्त भी पैदा हुआ था। लेकिन उस वक्त भारतीय सख्ती के आगे चीन को पीछे हटना पड़ा था। जानकार मानते हैं कि भारत को ऐसी ही सख्ती दिखाने की जरुरत है। हालांकि वो संयमित होनी चाहिए। आर्थिक जानकार अनुराग गुप्ता के मुताबिक दोनों देश में तल्खी बढ़ी, तो लंबी अवधि में चीन को नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि भारत एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है, जबकि चीन की ग्रोथ रेट में कमी दर्ज की गई है।

भारत बढ़ा सकता है आयात शुल्क

भारत, पाकिस्तान की तरह चीन के खिलाफ आयात शुल्क बढ़ाने का निर्णय ले सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाकिस्तान की तुलना में कम रहेगा। अगर ऐसा होता है, तो चीन पर दोहरी मार पड़ेगा। दरअसल एक तरह अमेरिका चीनी प्रोडक्ट पर टैरिफ बढ़ा रहा है। ऐसे में सबसे बड़े कंज्यूमर बेस्ड बाजार भारत की ओर से आयात शुल्क बढ़ाने पर चीन के व्यापार पर सीधी चोट पड़ेगी। वहीं भारत को इसका फायदा होगा, क्योंकि इससे देश का व्यापार घाटा संतुलन में आ सकता है।

चीनी मुनाफा होगा प्रभावित


दो दशकों में पहली बार भारत को चीन से अधिक विदेशी निवेश मिला है, जो पिछले साल 37.76 अरब डॉलर एफडीआई के साथ अभी तक का सबसे अधिक रहा। इससे पहले चीन को एशिया में सबसे अधिक फॉरेन इन्वेस्टमेंट मिलता था। अमेरिका के साथ चीन के टकराव को फॉरेन इन्वेस्टमेंट की रफ्तार धीमी होने का बड़ा कारण माना जा रहा है। ऐसे में अगर भारत चीन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाता है, तो उसकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

चीन निवेश पर होगा असर


भारत एक तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है, जिसमें विश्व के सभी देश निवेश करना चाहते हैं। चीन ने भी भारत में 70 बिलियन डॉलर का भारी निवेश किया हुआ है। अगर मसूद अजहर के मुद्दे को लेकर भारत-चीन में तल्खी बढ़ती हैं, तो चीन से भारत आने वाला निवेश प्रभावित होगा। इसका असर चीन की अर्थव्यवस्था पर देखा जा सकता है। चीन भारत में बुलेट ट्रेन समेत कई तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करना चाहता है। मौजूदा दौर में भारत के साथ व्यापार में चीन का फायदा है, जबकि भारत का घाटा है।

चीन सामान का बहिष्कार


चीन के मसूद अजहर को बचान को लेकर भार में रोष है। व्यापारी चीनी सामान के बहिष्कार की बात कर रहे हैं। बता दें इसी माह भारत में होली का त्योहार है। ऐसे में चीनी से आने वाले सस्ते सामान को खरीदार न मिलने से नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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