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50 से ज्‍यादा टेक्‍सटाइल प्रोडक्‍ट्स पर दोगुनी हुई इम्‍पोर्ट ड्यूटी; विदेशी जैकेट, सूट, कारपेट हुए महंगे

सरकार ने घरेलू मैन्‍युफैक्‍चरिंग को बढ़ावा देने के मकसद से यह कदम उठाया है।

Last change in Import Duty on textile products

नई दिल्‍ली. सरकार ने 50 से ज्‍यादा टैक्‍सटाइल प्रोडक्‍ट्स पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर दोगुनी कर दी है। जैकेट्स, सुट्स और कारपेट जैसे प्रोडक्‍ट्स पर अब इम्‍पोर्ट ड्यूटी 20 फीसदी लगेगी। सरकार ने घरेलू मैन्‍युफैक्‍चरिंग को बढ़ावा देने के मकसद से यह कदम उठाया है। 

 

 

कौन से प्रोडक्‍ट हुए महंगे? 
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्‍ट टैक्‍सेस एंड कस्‍टम (सीबीआईसी) ने सोमवार देर रात उन टेक्‍सटाइल प्रोडक्‍ट्स की लिस्‍ट नोटिफाई की, जिन पर ड्यूटी बढ़ाकर 20 फीसदी की गई है। इसके साथ ही ड्यूटी का एड-वलरम रेट भी कुछ सामानों पर बढ़ा दिया गया है। एड-वलरम टैक्‍स, वह टैक्‍स है जिसका अमाउंट ट्रांजैक्‍शन या प्रॉपर्टी की वैल्‍यू के आधार पर लगता है। इम्‍पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से बुने हुए कपड़े, ड्रेसेज, ट्राउजर्स, सुट्स और बेबी गारमेंट्स समेत सामान महंगे हो गए हैं। 

 

घरेलू इंडस्‍ट्री को मिलेगा बढ़ावा 
फियो के डीजी अजय सहाय का कहना है कि अधिकांश टैक्‍सटाइल प्रोडक्‍ट्स पर ड्यूटी दोगुनी हो गई है। इससे घरेलू मैन्‍युफैक्‍चरर्स को फायदा मिलेगी लेकिन इससे बांग्‍लादेश जैसे कम विकसित देश भारतीय मार्केट में ड्यूटी फ्री एक्‍सेस का फायदा उठाते रहेंगे। एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि डब्‍ल्‍यूटीओ नॉर्म्‍स के अनुसार, भारत टेक्‍सटाइल सेक्‍टर को और अधिक इंसेटिव नहीं दे पाएगा और इसलिए सरकार ने घरेलू मैन्‍युफैक्‍चरर्स को प्रोत्‍साहित करने के लिए इम्‍पोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है।

 

ईएंडवाई पार्टनर अभिषेक जैन का कहना है कि मेक इन इंडिया इनीशिएटिव के साथ-साथ कई टेक्‍सटाइल प्रोडक्‍ट्स पर बढ़ी हुई कस्‍टम ड्यूटी से घरेलू इंडस्‍ट्री को बूस्‍ट मिलेगा। साथ ही घरेलू बाजार में इन प्रोडक्‍ट्स की मैन्‍युफैक्‍चरिंग बढ़ेगी। 

 

जून में 8.58% बढ़ा टैक्‍सटाइल यार्न का इम्‍पोर्ट 
टैक्‍सटाइल यार्न, फैब्रिक, तैयार उत्‍पाद का इम्‍पोर्ट जून में 8.58 फीसदी बढ़कर 16.86 करोड़ डॉलर हो गया था। हालांकि, कॉटन यार्न, फैब्रिक्‍स, तैयार उत्‍पादन, हैंडलूम प्रोडक्‍ट्स आदि का एक्‍सपोर्ट 24 फीसदी बढ़कर 98.62 करोड़ डॉलर हो गया था। हाथ से निर्मित यार्न, फैब्रिक्‍स, तैयार उत्‍पाद का एक्‍सपोर्ट भी 8.45 फीसदी बढ़कर 40.34 करोड़ डॉलर हो गया। सभी टैक्‍सटाइल रेडीमेड गारमेंट का एक्‍सपोर्ट हालांकि 12.3 फीसदी गिरकर 13.5 अरब डॉलर रहा।
 

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