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अमेरिका को ललकारने वाले चीन को भारत खिलाएगा भात

पहली बार चीन भेजा जा रहा है भारतीय चावल

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नई दिल्ली।

अमेरिका को ललकारने वाले चीन को भारत अब भात खिलाने जा रहा है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब भारत चीन को चावल का निर्यात कर रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक चीन को गैर बासमती चावल निर्यात किया जा रहा है। शुक्रवार को (28 सितंबर, 2018) को नागपुर से 100 टन गैर बासमती चावल का शिपमेंट चीन के लिए रवाना होगा। चीन व भारत के बीच बढ़ते व्यापार घाटे को देखते हुए इस निर्यात को काफी अहम माना जा रहा है। चीन इन दिनों पहले से ही अमेरिका के साथ ट्रेड वार में उलझा है। ऐसे में, भारत को चीन से गैर बासमती चावल के निर्यात का आर्डर मिलना दोनों देशों के बीच सुधरते रिश्ते के रूप में भी देखा जा रहा है। भारत चीन के खाद्य बाजार में अपना प्रवेश चाहता है। इस काम के लिए कई साल से भारत प्रयास कर रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान इस साल जून में चावल निर्यात के एमओयू साइन हुए थे।

 

निर्यात में 19 चावल मिल शामिल

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक फिलहाल चीन में गैर बासमती चावल के निर्यात के लिए 19 चावल मिल एवं फूड प्रोसेसिंग यूनिट को रजिस्टर्ड किया गया है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक भारत के इस कनसाइनमेंट को चीन के फूड प्रोसेसिंग होल्डिंग कंपनीज चाइना नेशनल सिरियल्स व ऑयल एंड फूडस्टफ कॉरपोरेशन के लिए भेजा गया है। चालू वित्त वर्ष में चावल के गिरते निर्यात को देखते हुए चीन की तरफ से मिलने वाले इस आर्डर को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

7 फीसदी की गिरावट 

कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) के आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2018-19 के पहले तीन महीनों में बासमती चावल के निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। कीटनाशकों के अधिक इस्तेमाल से यूरोप भारत के बासमती चावल को खरीदने में आनाकानी कर रहा है। वहीं पाकिस्तान के चावलों की मांग विश्व बाजार में बढ़ती जा रही है। चावल उत्पादन में दुनिया में चीन का पहला तो भारत का दूसरा स्थान है। चावल की कुल पैदावार में भारत की हिस्सेदारी 20 फीसदी है।

 

आगे पढ़ें : सोया का भी होगा निर्यात 

 

चावल  के साथ सोयाबीन भी होगा निर्यात

चावल के साथ भारत चीन में काफी अधिक मात्रा में सोयाबीन निर्यात करने की तैयारी करने में जुट गया है। सोयामिल निर्यातकों के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस साल चीन के सोयाबीन निर्यात में 70 फीसदी तक की तेजी आने की संभावना है। 


आगे पढ़ें :चीन के सोया बाजार पर भारत की धाक 

 

चीन के सोया बाजार पर भारत की धाक 

रुपये में होने वाली गिरावट और सोयाबीन के उत्पादन में बढ़ोतरी की वजह से भारत चीन के सोया बाजार में अपनी धाक जमाने की तैयारी में है। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के मुताबिक अगले दो-तीन महीने में चीन के सोया बाजार भारत के लिए खुलने की उम्मीद की जा रही है।

 
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