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इस मीट करोबारी ने मीट के साथ रुपए का भी कर दिया निर्यात

अब सात मुल्कों में हो रही है जांच

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नई दिल्ली.

जिस मीट कारोबारी के चलते सीबीअाई के दो बड़े अधिकारियों को छुट्‌टी पर भेज दिया गया, उसके बारे में नए खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक मीट कारोबारी मोइन कुरैशी ने कई सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए हवाला नेटवर्क का सहारा लिया। उसने इन नेटवर्क के जरिए अधिकारियों की मर्जी के मुताबिक विदेश में उनका पैसा ट्रांसफर कर दिया। इस मामले में आठ देशों का नाम सामने आया है। अब इनमें से सात मुल्कों में जांच की जा रही है।

 

सात देशों से मांगे जा रहे जवाब

जांच एजेंसियों को सिंगापुर, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, अमेरिका, इटली, आयरलैंड और ब्रिटेन में कुल 45 ऐसे बैंक अकाउंट्स के बारे में पता चला है जहां मोइन कुरैशी ने मोटी रकम ट्रांसफर की थी। ये सारे बैंक अकाउंट्स कुरैशी और उसके परिवार वालों के नाम पर थे। इनमें से इटली को छोड़कर अन्य देशों को सरकार ने लेटर्स रोगेटरी (letters rogatory) भेज दिए हैं। इसके तहत सरकार ने वहां की सरकारों से इन बैंक खातों के बारे में जानकारी देने को कहा है।

 

करोल बाग से भेजा जाता था पैसा

जांच एजेंसियों के मुताबिक देश से बाहर जो भी पैसा ट्रांसफर किया जाना होता था वह कुरैशी के करोल बाग ऑफिस पर रिसीव किया जाता था। यहां से उसे हवाला चैनल के जरिए दुबई, ब्रिटेन, पेरिस और अमेरिका भेजा जाता था। कुरैशी लोगों के सरकारी काम करवाने के एवज में उनसे मोटी रकम लेता था और उसका एक बड़ा हिस्सा सरकारी अधिकारियों को रिश्वत के तौर पर दिया जाता था।

 

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मोइन कुरैशी केस के चलते दो फाड़ हुआ सीबीआई

 

सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सीबीआई और ईडी ने पिछले साल अगस्त में कुरैशी को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच होने पर सामने रिश्वते लेने वालों में सीबीआई के कई अधिकारियों के नाम सामने आए। सीबीआई के दो बड़े अधिकारी इस मामले में एक दूसरे पर आरोप लगाते दिखे। स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने सीबीअाई डायरेक्टर आलाेक वर्मा पर आरोप लगाया कि कुरैशी को गिरफ्तार करने के प्रस्ताव को ओलाक वर्मा टालते रहे। अस्थाना ने कहा कि वर्मा ने मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले में कुरैशी को राहत देने के लिए कुरैशी के साथी सना से दो करोड़ की रिश्वत मांगी है। जबकि वर्मा ने अस्थाना पर सना से तीन करोड़ रुपए की रिश्वत लेने की एफआईआर दर्ज कराई। दोनों अधिकारियों को छुट्‌टी पर भेज दिया गया है।

 

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25 साल में कुरैशी बन गया 25 कंपनियों का मालिक

 

मोइन कुरैशी की पढ़ाई दून स्कूल में हुई। दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद 1993 में उत्तर प्रदेश के रामपुर इलाके में एक छोटा सा बूचड़ खाना खोला। धीरे-धीरे काम बढ़ाना शुरू कर दिया। वह कंस्ट्रक्शनफैशन जैसे तमाम बिजनेस लेकर आया। लेकिन एएमक्यू एग्रो और एक्सपोर्ट एनिमल गट उसकी फ्लैगशीप कंपनी हैं। उसने 25 से अधिक कंपनियां खोली। कुरैशी ने 1995 में शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा से भी हाथ मिला लिया थालेकिन 2012 में पोंटी चड्ढा की हत्या के बाद उनके बेटे से वह अलग हो गया।

 

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