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रुपया-पेट्रोल के बाद मोदी के सामने तीसरा बड़ा चैलेंज, फॉरेक्स रिजर्व 400 अरब डॉलर से नीचे

एक साल में पहली बार इतना कम हुआ फॉरेन रिजर्व, आरबीआई की ताजा रिपोर्ट से हुआ खुलासा

Forex Reserves Fall Below $400 Billion For The First Time In 2018

 

नई दिल्ली. डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया और देश में बढ़ते पेट्रोल-डीजल के भाव ने जहां पहले ही मोदी सरकार को परेशानी में डाल रखा था, वहीं उसके सामने अब तीसरी चुनौती भी आती दिख रही है। आरबीआई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश के विदेश मुद्रा भण्डार (फॉरेक्स रिजर्व ) में इस साल जबरदस्त कमी दर्ज की गई है। सात सितंबर को यह 81.95 करोड़ डॉलर कम होकर 399.282 अरब डॉलर पर आ गया। एक साल में यह पहली बार हुआ है जब विदेशी मुद्रा भंडार 400 अरब डॉलर से नीचे आया है। रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है रुपए को संभालने के लिए रिजर्व बैंक डॉलर बेच रहा है। 

 

पिछले हफ्ते भी दर्ज की गई थी गिरावट  
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते विदेशी मुद्रा भण्डार में 1.191 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।  आलोच्य सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा परिसम्पत्तियां 88.74 करोड़ डॉलर गिरकर 375.099 अरब डॉलर पर आ गयीं है। वहीं दूसरी तरफ कई सालों तक स्थिर रहने के बाद स्वर्ण भंडार 7.19 करोड़ डॉलर बढ़कर 20.234 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। 

 

क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी बड़ी वजह 
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से निकासी का विशेष अधिकार 15 लाख डॉलर कम होकर 1.476 अरब डॉलर रह गया है। आईएमएफ में देश का भंडार भी 25 लाख डॉलर घटकर 2.474 अरब डॉलर पर आ गया। विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि यह गिरावट अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की वहज से है। भारत अपनी विदेश मुद्रा का सर्वाधिक खर्ज तेल खरीदने में करता है।  इसी लिए भारत की विदेशी मुद्रा भण्डर में तेजी से कमी की गई है। 

 

राजन ने भी दी थी चेतावनी 
बता दें कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भी मोदी सरकार को घटते विदेशी मुद्रा भंडार की ओर आगाह किया था। राजन के मुताबिक, गिरते रुपए की बजाय देश का घटता चालू खाता घाटा ज्यादा चिंता की बात है। इसके चलते सीधे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर असर होगा।

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