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INX मीडिया केस: चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 3 जुलाई तक रोक

हाईकोर्ट ने चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 3 जुलाई तक रोक लगा दी है।

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नई दिल्‍ली. आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्‍त मंत्री पी. चिदंबरम को दिल्‍ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 3 जुलाई तक रोक लगा दी है। इस मामले में पूर्व वित्‍तमंत्री को सीबीआई ने समन जारी कर गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था। चिदंबरम को आशंका थी कि सीबीआई उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, ऐसे में उन्‍होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। वहीं, चिदंबरम पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने पेश नहीं होंगे। इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट एयरसेल-मैक्सिस मामले में भी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 5 जून तक की रोक लगा चुका है।

 


चिदंबरम के बेटे कार्ति भी हैं आरोपी 
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पी. चिदंबरम को दक्षिणी दिल्‍ली के लोधी रोड इलाके में स्‍थित सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लेकिन चिदंबरम गुरुवार को पूछताछ के लिए पेश नहीं होंगे। इस मामले में पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी आरोपी हैं। उन्हें 28 फरवरी को चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई।

 

एयरसेल-मैक्सिस मामले में भी 5 जून तक राहत
इससे पहले बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने एयरसेल-मैक्सिस मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 5 जून तक की रोक लगाई थी। इस केस में भी चिदंबरम ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने उन्हें 5 जून को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने का आदेश दिया। ईडी चिदंबरम से पूछताछ के लिए पहले ही समन जारी कर चुकी है। एयरसेल-मैक्‍सिस केस में ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में तीन अप्रैल को स्‍टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें पूर्व चिदंबरम पर गलत तरीके से डील करने का आरोप लगाया गया। 


क्या है आईएनएक्स मामला?
आईएनएक्‍स मीडिया केस दरअसल मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। इस मामले में पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के लिए गलत तरीके से फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी ली। इसके बाद आईएनएक्स को 305 करोड़ का फंड मिला। इसके बदले में कार्ति को 10 लाख डॉलर की रिश्वत मिली। इसके बाद आईएनएक्स मीडिया और कार्ति से जुड़ी कंपनियों के बीच डील के तहत 3.5 करोड़ का लेनदेन हुआ। कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया।

 

सीबीआई ने पिछले साल 15 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी। हालांकि, इस मामले की एफआईआर में पी. चिदंबरम का नाम नहीं है। लेकिन आरोप है कि उन्होंने 18 मई 2007 की एफआईपीबी की एक मीटिंग में आईएनएक्स मीडिया में 4.62 करोड़ रुपए के फॉरेन इन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी थी। 

 

एयरसेल-मैक्सिस केस क्या है?
ईडी का यह केस फॉरेन इन्‍वेस्‍टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से जुड़ा है। एयरसेल-मैक्सिस डील को पी चिदंबरम ने बतौर वित्त मंत्री 2006 में मंजूरी दी थी। ईडी का कहना है कि पी चिदंबरम को 600 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्‍ट प्रपोजल्‍स को मंजूरी देने का अधिकार था। इससे ऊपर के प्रोजेक्‍ट के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स की मंजूरी की जरूरत थी। यह मामला 3,500 करोड़ रुपए की एफडीआई की मंजूरी का था, इसके बावजूद एयरसेल-मैक्सिस एफडीआई मामले में चिदंबरम ने मंजूरी दी।

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