• Home
  • 2019 Economics Nobel laureates to donate prize money to fund research

फैसला /अभिजीत सहित नोबेल सम्मानित तीनों अर्थशास्त्री पुरस्कार राशि करेंगे दान, शोध कार्यों पर होगी खर्च

  • भारतीय मूल के अभिजीत और उनकी पत्नी सहित तीन लोगों को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। 

Moneybhaskar.com

Dec 08,2019 01:27:25 PM IST

नई दिल्ली. वर्ष 2019 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार पाने वाले भारतीय मूल के अभिजीत और उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और अमेरिका के माइकल क्रेमर के साथ संयुक्त रूप से मिला था। तीनों को पुरस्कार के तौर पर कुल 6.8 करोड़ रुपए की राशि मिली थी, जिसे तीनों ही अर्थशास्त्रियों ने मिलकर दान देने का ऐलान किया है। इसे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन वाली वीज (Weiss Fund) को अर्थव्यवस्था के विकास में रिसर्च कार्यों में लगाने के लिए देंगे।

रिसर्च कार्यों में विकास के लिए दिया दान

अभिजीत के साथ ही तीनों नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने कहा कि हमारा मानना है कि नोबेल पुरस्कार इकोनॉमिक कम्यूनिटी के विकास के लिए दिया गया अवार्ड है। ऐसे में हम अपनी पुरस्कार राशि को इस सही रास्ते में देकर देशभर के इकोनॉमिस्ट के विकास की संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं। यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। दान के करीब 6.8 करोड़ रुपयों को अगले 2035 तक रिसर्च के कार्यों में खर्च करना है। वीज फंड के तहत हार्वर्ड, MIT, बोस्टन यूनिवर्सिटी, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और यूसी बार्कले यूनिवर्सिटी स्थित अंडर ग्रैजुएट, ग्रैजुएट स्टूडेंट्स और जूनियर, सीनियर फैकल्टी को दी जाती है, जो अर्थव्यवस्था से जुड़े शोध कार्य करते हैं।

गरीब उन्मूलन के कार्यों के लिए दिया गया पुरस्कार

अभिजीत और उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और अमेरिका के माइकल क्रेमर को यह पुरस्कार 'वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के लिए किये गये कार्यों के लिये दिया जाएगा. नोबेल समिति के मुताबिक साल 2019 के पुरस्कार विजेताओं का शोध वैश्विक स्तर पर गरीबी से लड़ने में हमारी क्षमता को बेहतर बनाता है. मात्र दो दशक में उनके नये प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण ने विकास अर्थशास्त्र को पूरी तरह बदल दिया है. विकास अर्थशास्त्र वर्तमान में शोध का एक प्रमुख क्षेत्र है।

अभिजीत बनर्जी

भारतीय मूल के अभिजीत ने कलकत्ता विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। वहीं साल 1988 में हावर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी की। मौजूदा वक्त में बनर्जी मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अर्थशास्त्र के फोर्ड फाउंडेशन अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसर हैं।

एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर

फ्रांस की एस्थर डुफ्लो का जन्म 1972 में पेरिस में हुआ, उन्होंने साल 1999 में MIT से पीएचडी की। वो बनर्जी के साथ उनकी बुक Poor Economics में को-ऑथर रहीं। इकोनॉमिक साइंस में बतौर महिला दूसरी और सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला रहीं। अमेरिका के माइकल क्रेमर साल 1964 में पैद हुए, उन्होंने 1992 में हार्वर्ड से डॉक्टरेट की उपाधि ली।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.