• Home
  • Economy
  • Yes Bank Ltd Reconstruction Scheme 2020 notified by Union Finance Ministry

बैंकिंग /यस बैंक के ग्राहकों के लिए खुशखबरी, बुधवार शाम से हट सकता है निकासी पर लगा प्रतिबंध, पुनर्गठन को लेकर अधिसूचना जारी

  • केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को दी थी यस बैंक की पुनर्गठन स्कीम को मंजूरी
  • एसबीआई ने 7250 करोड़ रुपए में खरीदी है यस बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी

Moneybhaskar.com

Mar 14,2020 09:49:26 AM IST

नई दिल्ली। सरकार ने निजी क्षेत्र के चौथे बड़े बैंक यस बैंक लिमिटेड के पुनर्गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के जारी होने के बाद यस बैंक के ग्राहकों को बुधवार शाम 6 बजे से निकासी की छूट मिल सकती है। बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 के तहत यह अधिसूचना जारी की गई है।

बैंक के लिए नए निदेशक मंडल का गठन

अधिसूचना के अनुसार बैंक के लिए नए निदेशक मंडल का गठन किया गया है। भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी एवं उप प्रबंधन निदेशक प्रशांत कुमार को पुनर्गठित यस बैंक का मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक बनाया गया है। पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व गैरकार्यकारी अध्यक्ष सुनील मेहता को बैंक का गैरकार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। महेश कृष्ण मूर्ति एवं अतुल भेरा कार्यकारी निदेशक बनाए गए है। भारतीय रिजर्व बैंक अपर निदेशकों के रूप में एक या अधिक व्यक्तियों को नियुक्त कर सकेगा। पुनगर्ठित बैंक यस बैंक की पुरानी सभी देनदारियों को पूरा करेगा। पुनगर्ठित बैंक के पास रखी सभी जमा राशियों और देनदारी, देनेताओं के अधिकार पूर्णत: अप्रभावित रहेंगे। पुनर्गठित बैंक के सभी कर्मचारियों को कम से कम एक वर्ष तक पहले की तरह वेतन भत्ता मिलता रहेगा। अधिसूचना के अनुसार यस बैंक से निकासी पर लगी रोक तीन कार्यदिवसों में हटा दी जाएगी और बैंक के लिए नियुक्त प्रशासक सात दिनों में कार्यालय खाली कर देंगे। पुनर्गठन बैंक की अधिकृत पूंजी 6200 करोड़ रुपए होगी और इसके शेयर का मूल्य दो रुपए होगा। अधिकृत शेयर पूंजी 200 करोड़ रुपए बनी रहेगी।

केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को दी थी पुनर्गठन योजना को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पुनगर्ठन योजना को मंजूरी दी गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि भारतीय स्टेट बैंक इसमें 49 प्रतिशत हिस्सेदारी लेगा और इसके निदेशक मंडल में दो सदस्य होंगे। और वह अपने निवेश में से 26 फीसदी हिस्सेदारी का तीन वर्ष तक विनिवेश नहीं कर सकेगा। यह लॉकिंग अवधि है। अन्य निवेशकों के लिए यह सीमा 75 फीसदी और तीन वर्ष है। वित्त मंत्री ने कहा था कि गत पांच मार्च को रिजर्व बैंक ने यस बैंक के निदेशक मंडल को भंग करते हुए इसको प्रतिबंधित कर दिया था और इसके लिए प्रशासक नियुक्त किया था। छह मार्च को पुनगर्ठन योजना का प्रारूप जारी किया गया और उस पर मिली प्रतिक्रिया के बाद इस प्रारूप को अंतिम रूप दिया गया जिसे मंजूरी दी गई। रिजर्व बैंक ने इस बैंक को प्रतिबंधित करने के साथ ही ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा 50 हजार रुपए निर्धारित कर दिया था। यह प्रतिबंध 30 दिनों के लिए लगाया गया था लेकिन अब सरकार ने पुनगर्ठन योजना के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद तीन कार्यदिवस में इस रोक को हटाने की बात कही है।

एसबीआई ने 7250 करोड़ रुपए में खरीदी 49 फीसदी हिस्सेदारी

यस बैंक को संकट से निकालने के लिए एसबीआई ने 7250 करोड़ रुपए में इस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। एसबीआई ने यह हिस्सेदारी 10 रुपए प्रति शेयर की दर से खरीदी है। इसके अलावा निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने भी यस बैंक में 10 रुपए प्रति शेयर की दर से 1000 करोड़ रुपए के निवेश का ऐलान किया है। इस निवेश के साथ आईसीआईसीआई बैंक की यस बैंक में 5 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.