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बैंकिंग /एक जुलाई से कम हो जाएगा एसबीआई होमलोन रेट, आरबीआई के रेपोरेट से होगा लिंक

  • अभी 8-9 फीसदी के बीच एसबीआई का होमलोन रेट
  • फिलहाल एसबीआई का एमसीएलआर 8.45 फीसदी है 

Moneybhaskar.com

Jun 10,2019 04:37:10 PM IST

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती का फायदा सबसे पहले एसबीआई देने जा रहा है। गत सप्ताह आरबीआई की तरफ से रेपो रेट में .25 आधार अंक की कटौती की गई। लेकिन उद्योग जगत का कहना था कि रेपो रेट में कटौती का फायदा तभी मिलेगा जब बैंक अपने ब्याज दरों में कटौती करे। अब देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने होम लोन रेट को रेपो रेट से लिंक करने का फैसला किया है। एक जुलाई, 2019 से एसबीआई रेपो रेट से लिंक होम लोन रेट को लागू करने जा रहा है। अभी बैंक की ब्याज दरें मिनिमम कॉस्टे लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) पर आधारित होता है। इस बदलकर रेपो रेट को आधार बनाया जाएगा। हालांकि बैंक की तरफ से अभी यह खुलासा नहीं किया गया है कि रेपो रेट पर आधारित एक जुलाई से लागू होने वाला होम लोन रेट क्या होगा, लेकिन बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अभी रेपो रेट 5.76 फीसदी है तो ऐसे में बैंक इसके ऊपर अपना मार्जिन भी रखेगा। ऐसे में 8 फीसदी या 8.25 फीसदी होम लोन रेट हो सकता है। एसबीआई सूत्रों के मुताबिक रेपो रेट पर आधारित होम लोन रेट का फायदा सभी उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा। एसबीआईए ऐसा प्रावधान कर सकता है कि जिनकी सैलरी सालाना 6 लाख यानी कि 50,000 रुपए महीना से कम कमाने वालों को यह रेपो रेट से लिंक होमलोन रेट का फायदा नहीं मिलेगा। इसके अलावा कुछ और प्रावधान जोड़े जा सकते हैं। बैंक के अधकारियों ने बताया कि सर्कुलर जारी होने के बाद ही इस बारे में पूरी जानकारी हासिल हो सकेगी।

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अभी क्या है स्थिति होम लोन की

फिलहाल एसबीआई का एमसीएलआर 8.45 फीसदी है और बैंक की ब्याज दरें एमसीएलआर से ही तय होती है। मतलब किसी भी सूरत में बैंक की ब्याद दरें एमसीएलआर से कम नहीं हो सकती है। एसबीआई में अभी एक स्कीम चल रही है जिसके तहत 30 लाख रुपए तक के होम लोन का डिस्बर्समेंट 30 जून तक होने पर आपका लोन 8.55 फीसदी की दर से हो जाएगा।

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लोन की दरें

वेतनभोगी है और 30 लाख तक का लोन ले रहे हैं तो

महिला है तो 8.55 फीसदी

पुरुष है तो 8.60 फीसदी


गैर वेतनभोगी वर्ग से आते हैं तो

महिला है तो 8.70 फीसदी

पुरुष है तो 8.75 फीसदी


यह दर तब लागू होगी जब आप घर खरीदने के लिए कम से कम 20 फीसदी राशि अपनी दे रहे हो

अगर मकान की कीमत की 90 फीसदी राशि लोन से चुकता करते हैं तो लोन की दर 0.5 फीसदी बढ़ जाएगी।


30 लाख से 75 लाख वाले लोन के लिए


वेतनभोगी वर्ग के लिए


महिला है तो -- 8.80 फीसदी

पुरुष है तो -- 8.85 फीसदी


गैर वेतनभोगी वर्ग के लिए


महिला है तो 8.95 फीसदी

पुरुष है तो 9.00 फीसदी


75 लाख रुपए से अधिक के होम लोन के लिए


वेतनभोगी वर्ग के लिए


महिला है तो 8.90 फीसदी

पुरुष है तो 8.95 फीसदी


गैर वेतन भोगी या बिजनेस क्लास


महिला है तो 9.05 फीसदी

पुरुष है तो 9.10 फीसदी


एसबीआई के अधिकारियों के मुताबिक वेतनभोगी वर्ग से कर्ज वसूलना बिजनेस क्लास के मुकाबले आसान होता है। बिजनेस क्लास को कर्ज देने में ज्यादा रिस्क होता है। वहीं, वेतनभोगी को कर्ज देने में रिस्क काफी कम होता है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी लोन की ब्याज दरें इस बात पर भी निर्भर करती है कि कर्ज लेने वालों का रिकार्ड कैसा है। अगर उसका सिबिल काफी अच्छा है और किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं रही है तो उसे 0.5 फीसदी की छूट मिल सकती है।

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