Home »Economy »Banking» Rs 5,400 Cr Worth Of Undisclosed Income Detected: Govt To SC

नोटबंदी के बाद 5400 करोड़ की अनडिस्क्लोज्ड इनकम का पता लगा: सरकार

नई दिल्‍ली. नोटबंदी से 10 जनवरी तक 5400 करोड़ रुपए की अनडिस्क्लोज्ड इनकम का पता लगाया गया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी। सरकार ने यह भी बताया कि नोटबंदी के बाद पुराने नोटों को खपाने के लिए कैसे-कैसे तरीके अपनाए गए। इसमें पुराने नोटों से सोना खरीदने समेत कई तरीकों का जिक्र किया गया। जांच एजेंसियों की कार्रवाई की भी दी जानकारी...
 
- सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जांच एजेसियों द्वारा नोटबंदी के बाद की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। इसमें केंद्र ने इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट समेत बाकी जांच एजेंसियों की तरफ से मारे गए छापे और रिकवरी के बारे में भी बताया।
- सरकार ने बताया कि 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 तक चली नोटबंदी के बाद आई-टी डिपार्टमेंट ने ‘ऑपरेशन क्‍लीन मनी’ चलाया। इसके तहत नोटबंदी के दौरान किए गए कैश डिपॉजिट्स का एनालिसिस किया गया।
 
आई-टी ने 1100 से ज्‍यादा छापे मारे
- फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक एफिडेविट में बताया कि 9 नवंबर, 2016 से लेकर 10 जनवरी, 2017 तक आई-टी डिपार्टमेंट ने 1100 से ज्‍यादा छापे मारे और सर्वे किए।
- इस दौरान बड़ी रकम कैश डिपोजिट करने वाले 5100 से भी ज्‍यादा लोगों को वेरीफिकेशन के लिए नोटिस भेजा गया। आई-टी की तरफ से की गई छापेमारी और अन्‍य जांच एजेंसियों की तरफ से की गई कार्रवाई के चलते 610 करोड़ रुपए कैश और दूसरी चीजें जब्‍त की गईं।
- 610 करोड़ में से 110 करोड़ रुपए नई करंसी में बरामद किए गए। एफिडेविट में बताया गया कि इन कार्रवाई के दौरान ही 5400 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगा।
 
3.78 लाख गंभीर मामले आए सामने
- एफिडेविट में बताया गया है कि 1100 छापेमारी और सर्वे के मामलों में से 400 केस इंफोर्समेंट डायरेक्‍टरेट (ईडी) और सीबीआई को आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दिए गए।
- जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई से 18 लाख ऐसे लोगों का पता चला है, जिनकी टैक्‍स पेइंग प्रोफाइल सही नहीं थी। इनको वेरीफाई करने की जरूरत थी।
- 18 लाख लोगों में से 3.78 लाख गंभीर मामले हैं। जिनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
- बताया गया है कि वेरीफिकेशन के जिन मामलों में जांच-पड़ताल के बाद उचित और संतुष्‍ट जवाब हासिल हुआ है, उन्‍हें बंद कर दिया गया है।
- प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत अगर किसी ने अपनी अघोषित आय का पता दिया है, तो उनके खिलाफ वेरीफिकेशन भी बंद कर दिया गया है। 

Recommendation

    Don't Miss

    NEXT STORY