बदलाव /एसोचैम को ब्याज दरों में आधा फीसदी कटौती की उम्मीद, 7 अगस्त को हो सकती है घोषणा

  • आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक शुरू

Moneybhaskar.com

Aug 05,2019 04:58:22 PM IST

नई दिल्ली। उद्योग संगठन एसोचैम ने सोमवार को कहा कि उसे आगामी बुधवार को जारी होने वाले मौद्रिक नीति बयान में नीतिगत ब्याज दरों में आधा फीसदी कटौती की उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक बैठक आज से मुंबई में शुरू हो गयी। बैठक तीन दिन चलेगी और आखिरी दिन सात अगस्त को नीतिगत ब्याज दरों के बारे में घोषणा की जाएगी।

ब्याज दरों में कटौती से मांग बढ़ेगी

एसोचैम ने कहा कि उद्योगों के साथ चर्चा के बाद उसे उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था की वर्तमान परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में रिजर्व बैंक रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की कमी करेगा। उसने कहा कि ब्याज दरों में कटौती से मांग बढ़ेगी और निवेश लागत घटने से निवेश बढ़ेगा। उद्योग संगठन ने कहा कि उपभोक्ता मांग बढ़ाने और तत्काल निवेश आकर्षित करने के लिए पूंजी लागत घटाने की जरूरत है। उम्मीद है कि सरकार और केंद्रीय बैंक मिलकर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, वाहन उद्योग, आवास क्षेत्र और रियल इस्टेट में तरलता बढ़ाने के उपाय करेंगे। एसोचैम ने कहा कि आरबीआई ने इस साल तीन बार में रेपो दर में 0.75 प्रतिशत की कटौती की है, लेकिन वाणिज्यिक बैंकों ने उपभोक्ताओं को इसका आधा लाभ भी नहीं दिया है। यह ब्याज दरों में कटौती के लिए सही समय है क्योंकि मुद्रास्फीति आरबीआई के चार प्रतिशत के लक्ष्य के काफी कम है और नॉमिनल तथा वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद का अंतर काफी अधिक है।

लगातार चौथी बार मिल सकता है कटौती का तोहफा

देश में इस समय आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है। मांग में कमी आने की वजह से कंपनियों की बिक्री घट गई है। ऐसे में अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए आरबीआई एक बार फिर रेपो रेट में बदलाव कर सकता है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि आरबीआई इस बार भी रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह लगातार चौथा मौका होगा, जब आरबीआई रेपो रेट में कटौती करेगा। इससे पहले फरवरी, अप्रैल और जून में हुई द्विमासिक एमपीसी बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की थी।

5.75 फीसदी है मौजूदा रेपो रेट

लगातार तीन बार कटौती के बाद इस समय रेपो रेट 5.75 फीसदी पर चल रहा है, जबकि रिवर्स रेपो रेट 5.50 फीसदी है। आपको बता दें कि रेपो रेट वह दर होती है जिस दर पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। रेपो रेट कम होने पर ग्राहकों को दिए जाने वाले कर्ज की दर भी कम हो जाती है। इसी प्रकार से रिवर्स रेपो रेट वह होता है जिस दर पर आरबीआई बैंकों को उनकी जमा पर ब्याज देता है।

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