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सुविधा /24 घंटे सातों दिन कर सकेंगे पैसे का ऑनलाइन ट्रांसफर, आरबीआई ला रहा है नया ट्रांजेक्शन नियम

money bhaskar

May 16,2019 12:37:00 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सप्ताह के सभी सात दिनों और 24 घंटे ( 24 × 7) ऑनलाइन फंड ट्रांसफर का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) के जरिए यह सुविधा मिलेगी। इससे बैंकिंग के लिए लोगों को और ज्यादा वक्त मिल सकेगा।


अभी सुबह आठ से शाम सात बजे तक का वक्त है तय

आरबीआई ने अपने दस्तावेज़ पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम इन इंडिया: विजन 2019 - 2021 में कहा है कि एनईएफटी में और अधिक सुविधाओं को जोड़ने की आवश्यकता है। यही नहीं, केंद्रीय बैंक आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) में ग्राहक लेनदेन के लिए उद्योग की तैयारियों और ग्राहक की मांग के आधार पर विस्तार करने की संभावना की भी जांच करेगा। वर्तमान में NEFT में रविवार, महीने के दूसरे और चौथे शनिवार और कैलेंडर वर्ष के लिए घोषित बैंक छुट्टियों में फंड ट्रांसफर की अनुमति नहीं है। एसबीआई सोमवार से शुक्रवार को सुबह 8 से शाम 7 बजे तक और शनिवार को सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक एनईएफटी की सुविधा प्रदान करता है।

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आईएमपीएस में सुविधा है लेकिन लिमिट सिर्फ दो लाख तक है

तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) के माध्यम से फंड को चौबीसों घंटे हस्तांतरित किया जा सकता है, लेकिन इसकी अधिकतम राशि 2 लाख रुपये है। आरटीजीएस में भी बड़ी मात्रा में फंड हस्तांतरण किया जाता है लेकिन कार्यदिवस में ग्राहक लेनदेन के लिए सुबह 8 बजे से शाम 4.30 बजे तक ही यह सुविधा है। इसलिए अब आरबीआई फंड ट्रांसफर की सभी प्रणालियों की जांच, रिस्क फैक्टर, दिन व रात में भुगतान करने वालों का डाटा, अवकाश की सीमा आदि का विश्लेषण करने के बाद एनईएफटी में 24 घंटे ट्रांसफर की सुविधा जोड़ेगा।

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2021 तक चार गुना बढ़ेगा डिजिटल लेनदेन

भारतीय रिजर्व बैंक को उम्मीद है कि दिसंबर 2021 तक देश में डिजिटल माध्यमों से होने वाला लेनदेन चार गुना से भी अधिक बढ़ जाएगा। इन लेनदेन का मूल्य बढ़कर 8,707 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। रिजर्व बैंक ने कहा है कि नए सेवाप्रदाताओं और नए तौर-तरीकों के आने से भुगतान प्रणाली में लगातार बदलाव जारी रहेगा। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर लागत पर विभिन्न प्रकार के भुगतान प्रणाली के विकल्प उपलब्ध होंगे। रिजर्व बैंक इस विजन दस्तावेज को 2019- 2021 के दौरान अमल में लाएगा। इससे पहले पिछला विजन दस्तावेज 2016 से 2018 के लिए जारी किया गया था।

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कार्ड पेमेंट भी एक छत के दायरे में होंगे

अब तक बैंकों को अलग-अलग कार्ड नेटवर्क के साथ कार्ड लेनदेन को निपटाने के लिए अलग-अलग खातों की आवश्यकता होती है। आरबीआई के दस्तावेज़ में कहा गया है कि सिस्टम में अधिक दक्षता लाने और प्रक्रिया को और अधिक सुंदर बनाने के लिए सभी से सलाह ली जाएगी। इसमें कोशिश होगी कि सभी अधिकृत कार्ड नेटवर्कों के लिए एकल राष्ट्रीय निपटान खाता होने की संभावनाएं तलाशी जाए।

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