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राहत / नई सरकार का एजेंडा तैयार, शपथग्रहण के बाद तुरंत एक्शन मोड में शुरू होंगे काम

अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जीएसटी टैक्स स्लैब में बदलाव समेत इन 7 सेक्टर में होगा काम  

New government agenda to be rolled out immediately after swearing in action mode
  • पब्लिक सेक्टर के बैंकों को आपस में जोड़कर 5 बड़े बैंकों को बनाना, जिससे उन्हें पर्याप्त रुप से पूंजी उपलब्ध हो सके। 
  • पब्लिक इन्वेस्टमेंट सेक्टर जैसे रेड ट्रैक, रोड, पोर्ट और पावर यूको के लिए फंड उपलब्ध कराना। 

नई दिल्ली. पीएम मोदी के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार शपथग्रहण के बाद तुरंत काम पर लग जाएगी। सरकार को आगे किन मुद्दों पर काम करना है। इसके लिए पहले से एक एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए काम किया जाएगा। ऐसा इसिलए क्योंकि भारत की आर्थिक विकास दर में वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में गिरकर 6.5 फीसदी पर पहुंच गयी थी, जिसके पूरे साल 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। वहीं कार सेल में गिरावट एक वजह बनी हुई है। नई सरकार को इन चुनौतियों से जल्द निपटना होगा। इसके लिए सरकार बिना वक्त गवाएं काम पर लग गई है। वित्त मंत्रालय के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक हमारे पास वक्त नही है। हमने अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कमर कस ली है। 

इन सेक्टर में किया जाएगा काम 

  • पब्लिक सेक्टर के बैंकों को आपस में जोड़कर 5 बड़े बैंकों को बनाना, जिससे उन्हें पर्याप्त रुप से पूंजी उपलब्ध हो सके। 

 

  • पब्लिक इन्वेस्टमेंट सेक्टर जैसे रेड ट्रैक, रोड, पोर्ट और पावर यूको के लिए फंड उपलब्ध कराना। 

 

  • विनिवेश का प्रोग्राम - उन गैर रणनीतिक पीएसयू को बंद करना, जो घाटे में चल रही हैं। साथ ही स्टॉफ को वीआरएस देना। 

 

  • आरबीआई के 12 फरवरी के सर्कुलर को अपडेट करना, जिससे इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन में देरी को कम किया जा सके। 

 

  • जीएसटी की प्रक्रिया को सरल बनाना। साथ ही जीएसटी के चार स्लैब 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत को कम करके दो टैक्स स्लैब बनाने पर विचार होगा। 

 

  • मेक इन इंडिया के तहत मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के साथ ही इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर दिया जाएगा। 

 

  • सीमेंट पर लगने वाली 28 प्रतिशत जीएसटी दर को कम किया जा सकता है।

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