Home »Economy »Banking» FM Jaitley Says Mallyas Extradition Is Part Of The Judicial Process In The UK

माल्‍या को वापस लाने की हरकोशिश में जांच एजेंसियां, यह UK के ज्‍यूडिशियल प्रॉसेस का हिस्‍सा: जेटली

नई दिल्‍ली. फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने कहा है कि सरकार और जांच एजेंसियां विजय माल्‍या को भारत वापस लाने की हरमुमकिन कोशिश कर रही हैं। माल्‍या के प्रत्‍यर्पण में समय लगेगा, क्‍योंकि यह यूके की ज्‍यूडिशियल प्रक्रिया का हिस्‍सा है। भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और लोन डिफॉल्‍ट जैसे मामलों में वांक्षित माल्‍या को मंगलवार को स्‍कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने गिरफ्तार किया था। माल्‍या को हालांकि तीन घंटे में ही बेल मिल गई।  
 
 
- इस मामले में फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने बुधवार को कहा, ‘‘मेरा मानना है कि सरकार और सभी जांच एजेंसियां अपनी हरमुमकिन कोशिश कर रही हैं। क्‍योंकि वह जानती हैं कि उनका प्रयास एक ऐसे व्‍यक्ति के लिए जिसकी भारत को जरूरत है।’’
- ‘‘माल्‍या का प्रत्‍यर्पण यूके में ज्‍यूडिशिल प्रॉसेस का हिस्‍सा है। यह प्रॉसेस कुछ निश्चित तर्कों पर काम करता है।’’
- माल्‍या को भारतीय कोर्ट द्वारा अपराधी घोषित किया जा चुका है। उसे भारत के प्रत्‍यर्पण और फ्रॉड चार्जेज की रिक्‍वेस्‍ट पर मंगलवार को लंदन में गिरफ्तार किया गया था।
- भारत सरकार ने उसका भारतीय पासपोर्ट रद्द कर दिया है, लेकिन माल्‍या ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों को खारिज किया है।
- माल्‍या को 6.5 लाख पाउंड (करीब 5.4 करोड़ रुपए) का बेल बॉन्‍ड भरने के बाद जमानत मिली। माल्‍या को अब 17 मई को वेस्‍टमिंस्‍टर मजिस्‍ट्रेट की कोर्ट में पेश होना होगा।
 
जेटली की UK विजिट से तय हुई थी माल्‍या की गिरफ्तारी
 
- लंदन की स्‍कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने भले ही विजय माल्‍या की मंगलवार को गिरफ्तार किया, लेकिन इसकी पूरी पटकथा फरवरी 2017 में फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली की ब्रिटेन यात्रा के दौरान लिखी जा चुकी थी।
- फॉरेन मीडिया के अनुसार, जेटली इस साल 24 से 28 फरवरी को लंदन गए थे। इस दौरान उन्‍होंने विजय माल्‍या के मामले में ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे से व्यक्तिगत तौर पर अपील की थी।
- भारत-यूके प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत ने माल्‍या के प्रत्यर्पण की औपचारिक रिक्‍वेस्‍ट इस साल 8 फरवरी को की थी। इसके बाद ही फाइनेंस मिनिस्‍टर जेटली की यूके विजिट हुई थी।
- माल्‍य के प्रत्यर्पण की रिक्‍वेस्‍ट सौंपते समय भारत ने यह भरोसा दिया था कि माल्‍या के खिलाफ यह एक कानूनी केस है और उसे उसी तरह देखा जाएगा। यदि प्रत्यर्पण की रिक्‍वेस्‍ट मान ली जाती है तो यह भारत की चिंताओं को लेकर ब्रिटिश की संवेदनशीलता होगी।     

 

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