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11 साल बाद देश में खुला कोई प्राइवेट बैंक, ये है इस बैंक की 'खास प्लानिंग'

बैंकिंग क्षेत्र में 11 साल बाद एक नया नाम जुड़ गया है। इसका नाम है 'बंधन बैंक'। 23 अगस्त को झारखंड से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बंधन बैंक की शुरुआत की।

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नई दिल्ली। बैंकिंग क्षेत्र में 11 साल बाद एक नया नाम जुड़ गया है। 23 अगस्त को कोलकाता में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नए बैंक, बंधन बैंक की शुरुआत की। बैंक ने अपनी पहली ब्रांच कोलकाता में लालपुर स्थित आनंद कॉम्प्लेक्स में खोली है। आरबीआई ने साल 2014 में बंधन माइक्रोफाइनेंस कंपनी को बैंकिंग कारोबार शुरू करने की इजाजत दी थी। मनी भास्कर आपको बता रहा है इस बैंक के  एक्सपैंशन प्लान के बारे में...
 
क्या है बंधन
 
बंधन एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी है। कंपनी के पास देश के 22 राज्यों में पहले से 2022 शाखाएं हैं और 2 लाख 68 हजार सर्विस प्वाइंट हैं। इस कंपनी में 19,500 कर्मचारी काम कर रहे हैं। बंधन की आगे 501 शाखाएं और खोलने की योजना है। फिलहाल बंधन की पहुंच 2 लाख 68 हजार गांवों तक है। बंधन का नेटवर्क काफी मजबूत है और गांवों-गांवों तक इसकी शाखाएं फैली हैं।
 
ये है बंधन बैंक का  एक्सपैंशन प्लान
 
नया बैंक 501 शाखाओं के साथ काम शुरू करेगा, जिनमें से 200 महानगरों और शहरों में होंगी और बाकी कस्बों तथा गांवों में होंगी। बंधन के संस्थापक और चेयरमैन चंद्र शेखर घोष का कहना है, 'रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक हमें 25 फीसद शाखाएं उन क्षेत्रों में खोलनी हैं, जहां अभी तक बैंक पहुंच ही नहीं पाए हैं। बैंक के पास शुरुआत में 250 एटीएम होंगे।
 
आगे की स्लाइड में जानिए बैंक की खास बातें...
 
तस्वीरों का इस्तेमाल केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
 

 
ये हैं बंधन फाइनेंशियल की खास बातें
 
> बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज देश की पहली माइक्रोफाइनेंस कंपनी है, जिसे बैंक लाइसेंस मिला है।

बंधन इकलौती माइक्रोफाइनेंस कंपनी थी, जिसने बैंकिंग लाइसेंस का आवेदन किया था। 

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बंधन भारत की सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस कंपनी है। यह 22 राज्यों में मौजूद है और 25 से 35 फीसदी की दर से बढ़ रही है।

कोलकाता में साल 2001 में चंद्र शेखर घोष ने इसकी शुरुआत की। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक रूप से पिछड़े और आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं को वित्तीय सहायता देना है।

2007 में फोर्ब्स पत्रिका ने पहली बार दुनिया की शीर्ष 50 माइक्रोफाइनेंस इंस्टिट्यूट में बंधन को दूसरे स्थान पर रखा गया।

घोष, कोलकाता के पहले उद्यमी हैं जिन्होंने आजादी के बाद बैंक बनाने की शुरुआत की।
 
आगे की स्लाइड में जानिए आरबीआई के पास कितने कॉरपोरेट हाउस ने किया था लाइसेंस का आवेदन...
 
 
25 आवेदकों ने किया था बैंकिंग के लिए आवेदन
 
माइक्रो फाइनेंस कंपनी उन 25 आवेदकों में शामिल थी, जिन्होंने बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसमें रिलायंस ग्रुप, आदित्य बिरला ग्रुप और बजाज ग्रुप जैसे बड़े कॉरपोरेट हाउस शामिल थे। आरबीआई ने बंधन को बैंकिंग लाइसेंस को मंजूरी दी थी। 
 
अशोक कुमार लाहिड़ी बने सीईओ
 
अशोक कुमार लाहिड़ी बंधन बैंक के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। लाहिड़ी केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं। इससे पहले उन्होंने 'एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया' और यूके बैंक में डायरेक्टर के पद पर रह चुके हैं। इसके साथ ही वह एशियन डेवलपमेंट बैंक में एक्जीक्युटिव रह चुके हैं। 
 
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