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    Home »Economy »Banking» Bank NPA Has Been Raised Around Seven Lakh Crore Plus

    माल्या जैसे डिफॉल्टर्स पर शिकंजे के लिए नए रास्तों की तलाश, अफसरों ने दिए 6 सुझाव

    नई दिल्ली.   बैंकों का बढ़ता एनपीए, उससे निकलने का सही रास्ता नहीं मिलना सरकार के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। ऐसे में अब सरकार नए रास्तों की तलाश कर रही है। इसके तहत कई ऐसे कदम उठाने का प्रपोजल है जिससे बड़े डिफॉल्टर पर लगाम कसी जा सके। साथ ही बैंकों के खतरनाक लेवल पर पहुंच चुके नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) को कंट्रोल किया जा सके। कल हुई थी हाईलेवल मीटिंग...
     
    - फाइनेंस मिनिस्ट्री से मिली जानकारी के मुताबिक, अरुण जेटली की अगुवाई में बुधवार को एक हाई लेवल मीटिंग हुई। इसमें आरबीआई के सीनियर अफसरों से लेकर बैंकर्स, फाइनेंस मिनिस्ट्री के अधिकारी और चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमण्यन भी शामिल थे। इस तरह के आए हैं प्रपोजल..
     
    1# बैंकों द्वारा लोन रिकवरी के लिए एसेट्स सेल की प्रोसेस में संबंधित राज्यों को भी शामिल किया जा सके। ताकि एसेट्स से प्राइस अच्छी मिल सके।
    2# एसेट रिकंसट्रक्शन कंपनी की परफॉर्मेंस मॉनीटर करने के लिए सख्त रेग्युलेशन बनाए जाएं।
    3# रिस्ट्रक्चर किए गए लोन को एनपीए कैटेगरी में शामिल नहीं किया जाय।
    4# बैंकों की क्रेडिट कमेटी में चीफ विजिलेंस ऑफिसर को शामिल किया जाय।
    5# विलफुल डिफॉल्टर्स के खिलाफ क्रिमिनल केस चलाए का अधिकार बैंकों को मिले।
    6# पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए अलग से एक स्पेशल बैंक का गठन किया जाय। जहां बैंकों का एनपीए ट्रांसफर किया जा सके।
     
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