• Home
  • Getting caught in a payday loan cycle can be dangerous

बैंकिंग /20,000 रुपए के पे-डे लोन पर सालभर में लग सकता है 1,08,000 रुपए का ब्याज

  • खतरनाक हो सकता है पे-डे लोन के चक्र में फंसना
  • अमेरिका के कई प्रांतों में ऐसे लोन पर लगा हुआ है बैन
  • सैलरी मिलते ही लौटाने के वादे के साथ दिया जाता है यह लोन

Moneybhaskar.com

Dec 06,2019 08:11:02 PM IST

नई दिल्ली. देश में इन दिनों पे-डे लोन खूब फल-फूल रहा है। ये लोन ग्राहक को सैलरी मिलते ही ब्याज सहित लौटोने के वादे के साथ दिए जाते हैं। पिछले दो साल में करीब दर्जनभर कर्जदाताओं ने ऐसे लोन बांटने का कारोबार शुरू किया है। ये कर्जदाता हर महीने लगभग 400 करोड़ रुपए का पे-डे लोन बांट रहे हैं। ये लोन बहुत सरलता से और फटाफट मिल जाते हैं। इसलिए कर्जदाता ऐसे लोन लेने के लिए उत्साहित हो सकते हैं। लेकिन भारी भरकम ब्याज के कारण यह लोन लेने से पहले ग्राहक को कई बार सोचना चाहिए, क्योंकि असावधानी बरतने पर ग्राहक को मूल राशि का कई गुना भुगतान करना पड़ सकता है।

रोजाना 1-1.5 फीसदी लगता है ब्याज

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पे-डे लोन पर हर रोज 1-1.5 फीसदी ब्याज लगता है। इस तरह से इस लोन पर सालाना ब्याज 365-550 फीसदी तक पहुंच सकता है। जबकि क्रेडिट कार्ड के बकाए को रोलओवर किया जाए, तो बैंक 2-3 फीसदी मासिक (सालाना 24-36 फीसदी) ही ब्याज लेते हैं।

बहुत सरलता से मिल जाता है पे-डे लोन

पे-डे लोने में बहुत कम डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती है और लोन फटाफट मिल जाते हैं। ग्राहक को आधार, पैन, सैलरी स्लिप व तीन महीने का बैंक स्टेटमेंट जैसे कुछ ही डॉक्यूमेंट अपलोड करने होते हैं। इसके अलावा ग्राहक को लोन पीरियड के आखिर में देय रकम का पोस्ट डेटेड चेक भी देना होता है। ऐसे लोने देने वालों को दागदार या खराब क्रेडिट हिस्ट्री से कोई फर्क नहीं पड़ता है। उलटे ऐसे कस्टमर से ज्यादा ब्याज मिलता है। ऐसे लोन लेने वाले वे लोग होते हैं, जिन्हें पैसे की सख्त जरूरत होती है। खराब पेमेंट रिकॉर्ड के चलते ऐसे लोगों को ऊंची ब्याज दर पर भी बैंकों से लोन नहीं मिलते। ये लोग क्रेडिट कार्ड से भी पैसे नहीं निकाल सकते, क्योंकि पहले ही क्रेडिट कार्ड का बहुत अधिक उपयोग कर चुके होते हैं।

खतरनाक हो सकता है पे-डे लोन में फंसना

रिपोर्ट के मुताबिक ऊंची ब्याज दर के अलावा इस लोन में सात फीसदी तक प्रोसेसिंग शुल्क भी लगता है। चेक बाउंस होने या रिपेमेंट डेट बढ़ाने पर 500-1,000 रुपए की पेनाल्टी भी लगती है। अमेरिका के कंज्यूमर फाइनेंस प्रोटेक्शन ब्यूरो के मुताबिक 80 फीसदी पे-डे लोन रोलओवर किए जाते हैं या उसके चुकाने के लिए 14 दिनों में दूसरा लोन लेना पड़ता है। दो में से एक ग्राहक कर्ज को पूरी तरह से उतारने के लिए कम स कम 10 बार और लोन लेता है। कई बार ग्राहक कर्ज के गहरे दलदल में फंस जाता है।

अमेरिका के कई प्रांतों में ऐसे लोन पर लगा हुआ है बैन

अमेरिका के कई प्रांतों में पे-डे लोन पर बैन है। चीन में पे-डे लोन पर अधिकतम सालाना 36 फीसदी ब्याज दर की सीमा लगी हुई है। यूरोप के कई देशों में उपभोक्ता समूह ऐसे लोन पर बैन लगाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.