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डूबता कर्ज / जेट से बैंकों को बड़ा नुकसान होना तय, हमें मिलेगा महंगा कर्ज

माल्या, नीरव मोदी समेत कई कंपनियों के दीवालिया होने से बैंक अपने नुकसान की भरपाई ग्राहकों से करेंगे

From jets to banks determined to be big losses, we'll get costly loans
  • जेट पर 15,500 करोड़ रुपए की देनदारी, वैलुएशन सिर्फ 2,747 करोड़, बैंकों को नुकसान होना तय 
  •  विशेषज्ञों को कहना है कि अपने नुकसान की भरपाई के लिए बैंक अपने मार्जिन में कटौती के साथ ही अन्य ग्राहकों पर इसका बोझ डालेंगे।

नई दिल्ली. विजय माल्या, नीरव मोदी, अनिल अंबानी समेत कई अरबपतियों की कंपनियों द्वारा कर्ज चुकानें में नाकामी का खामियाजा सिर्फ बैंक ही नहीं भुगत रहे हैं बल्कि धीरे-धीरे उपभोक्ताओं पर भी असर आ रहा है। अब जेट एयरवेज डील में भी बैंकों का नुकसान होना तय है। ऐसे में विशेषज्ञों को कहना है कि अपने नुकसान की भरपाई के लिए बैंक अपने मार्जिन में कटौती के साथ ही अन्य ग्राहकों पर इसका बोझ डालेंगे। बैंकों के बचत और कर्ज की ब्याज दर का अंतर और बड़ा हो सकता है। 

 

कर्ज की वसूली न होने से बढ़ रहा है एनपीए


आर्थिक सलाहकार और सीए हरिगोपाल पार्टीदार बताते हैं कि बीते कुछ सालों से बैंको का एनपीए यानी डूबत कर्ज लगातार बढ़ रहा है। बैंके इस नुकसान की भरपाई अपने अन्य ग्राहकों से करती है। यही वजह है कि रिजर्व बैंक जितना राहत बैंकों को देते हैं, उतनी राहत ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाती है। हाल ही में रिजर्व बैंक ने दो बार रेपो रेट में कटौती की लेकिन इक्का-दुक्का बैंकों ने ही कर्ज की ब्याज दर में कटौती का ऐलान किया है। कटौती भी ऊंट के मुंह में जीरा सामान हैं। 

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ऐसे समझे बैंकों के नुकसान को 

 

जेट एयरवेज पर बैंकों का करीब 8,500 करोड़ रुपए बकाया है। लेकिन मंगलवार को इसका मार्केट कैप सिर्फ 2,747 करोड़ रुपए रह गया था। अभी जेट एयरवेज के लिए नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। उड़ानें रद्द होने से इसकी वैलुएशन काफी घट सकती है। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि नीलामी में भाग लेने वाली कंपनियां काफी कम बोली लगा सकती हैं। ऐसा हुआ तो बैंकों को बड़ा नुकसान होगा। यही नहीं, एक तरफ सरकारी बैंक जेट को रिवाइव करने की कोशिश कर रहे हैं, दूसरी तरफ सरकार इसके स्लॉट दूसरी एयरलाइंस को दे रही है। ऐसे में जेट के लिए बोली लगाने वालों की रुचि कम हो सकती है। 

 

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बीते एक साल में 62 फीसदी गिरा जेट का शेयर 

 

मंगलवार को जेट के शेयर करीब 19% गिर गए थे। बाद में 8% गिरावट के साथ बंद हुए। बुधवार को शेयर बाजार बंद थे। गुरुवार को जेट एयरवेज के शेयरों में तेज गिरावट आ सकती है। बीते एक साल में इसका मार्केट कैप 62% नीचे आ चुका है। 

 

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