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रिकैपिटलाइजेशन के पहले बैंक पेश करें फ्यूचर प्लान, फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने मांगी जानकारी

बैंकों के रिकैपिटलाइजेशन के पहले फायनेंस मिनिस्‍ट्री ने उनसे अपने कोर बिजनेस को मजबूत बनाने की योजना पेश देने को कहा है।

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नई दिल्‍ली. सरकारी बैंकों के रिकैपिटलाइजेशन के पहले फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने बैंकों से कहा है कि वह एक माह के अंदर बाजार से फंड जुटाने की योजना और अपने कोर बिजनेस को मजबूत बनाने की योजना पेश करें। इस योजना बैंक के बोर्ड से एप्रूव भी होनी चाहिए।

 

सरकार ने बनाई है 2.11 लाख करोड़ रुपए की रिकैपिटालाइजेशन की योजना

सरकार ने बनाई है 2.11 लाख करोड़ रुपए की रिकैपिटालाइजेशन की योजना बनाई है। यह पैसा बैंकों में दो साल के अंदर डाला जाएगा। एनपीए से दिक्‍कत आए बैंकों को फिर से मजबूत बनाने के लिए सरकार यह कदम उठा रही है।

 

बैंकों को उठानी होगी जिम्‍मेदारी

सरकार चाहती है कि बैंक इस रिकैपिटलाइजेशन से पहले भविष्‍य की मजबूत योजना पेश करें। बैंकों को यह योजना अपने बोर्ड से मंजूर करानी होगी। इसके लिए बैंकों को जिम्‍मेदार बनाने का प्रयास किया जा रहा है। फायनेंस मिनिस्‍ट्री के एक अध्‍ािकारी के अनुसार सरकार चाहती है कि हर बैंक का बोर्ड एक माह के अंदर ऐसी योजनाएं पेश करे।

 

पैसों का सही इस्‍तेमाल हो सके

फायनेंस मिनिस्‍ट्री चाहती है बैंकों में जो पैसा निवेश किया जाए उसका पूरा और सही इस्‍तेमाल हो सके। इसके लिए उसने बैंकों से कहा है कि वह अपने पोर्टफोलिया सहित स्‍ट्रैस आसेट, नॉन कोर एक्टिविटीज और बाजार से पूंजी जुटाने की योजना पेश करें। मिनिस्‍ट्री चाहती है बैंक अपनी योजनाओं को बोर्ड से भी पास कराएं।

 

यह है सरकार की योजना

सरकार की योजना है कि वह बैंकों में अगले दो साल में 1.35 लाख करोड़ रुपए रिकैपिटलाइजेशन बॉन्‍ड्स से जुटा कर डाले। इसके अलावा 18100 करोड़ रुपए बजटीय सपोर्ट और 58 हजार करोड़ रुपए बैंक इक्विटी मार्केट से जुटाएं।

 

बढ़ता जा रहा है एनपीए

सरकारी बैंकों का एनपीए लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जून 2017 में यह 7.33 लाख करोड़ रुपए के स्‍तर पर आ गया है। एनपीए का यह स्‍तर मार्च 2015 में 2.78 लाख करोड़ रुपए था। सरकार इन बैंकों में पिछले तीन सालों में 51 हजार करोड़ रुपए डाल चुकी है।

 
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