कोरोनावायरस का डर /इकोनॉमी को बचाने के लिए दुनियाभर में कुल 200 अरब डॉलर से ज्यादा का युद्ध कोष तैयार हुआ, अमेरिका ने कुल 1.5 फीसदी घटाई ब्याज दर

  • यूएस फेडरल बैंक ने रविवार को ब्याज दर 1-1.25% से घटाकर 0-0.25% की, पहले भी 0.5 फीसदी घटा चुका है दर
  • फेड ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 700 अरब डॉलर डालने का भी फैसला किया है
  • न्यूजीलैंड केंद्रीय बैंक ने भी 75 बेसिस पॉइंट की कटौती की

Moneybhaskar.com

Mar 16,2020 03:11:08 PM IST

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण मंदी की गिरफ्त में फंसती जा रही वैश्विक अर्थव्यवस्था को बचाने की जंग में अब दुनियाभर के केंद्रीय बैंक, सरकारें और वैश्विक संगठन आगे आ रहे हैं। विभिन्न देशों की सरकारों और वैश्विक संगठनों ने अब तक कुल 200 अरब डॉलर से ज्यादा का युद्ध तैयार कर लिया है। इसी कड़ी में रविवार को अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (फेड) ने बेंचमार्क ब्याज दर घटाकर 0 से 0.25% कर दी है। यह पहले 1% से 1.25% थी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में एक फीसदी की कटौती की है। इससे पहले तीन मार्च को फेड ने ब्याज दर में 0.5% की कटौती की थी। इस तरह से फेड ने अपनी ब्याज दर में अब तक कुल 1.5 फीसदी कटौती कर दी है। फेड ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 700 अरब डॉलर डालने का भी फैसला किया है। उसने 500 अरब डॉलर और 200 अरब डॉलर के सरकारी बांड खरीदने की घोषणा की है। वहीं, न्यूजीलैंड के केंद्रीय बैंक ने भी आपातकालीन बैठक के बाद सोमवार को ब्याज दरों में 75 बेसिस पॉइंट की कटौती की है।

ब्रिटेन ने सर्वाधिक 36.8 अरब डॉलर का कोष आगे किया

विभिन्न देशों की सरकारों और वैश्विक संगठनों ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अपने-अपने स्तर पर राहत पैकेज की घोषणा की है। इनमें सबसे बड़ा 36.8 अरब डॉलर का पैकेज ब्रिटेन ने दिया है। विभिन्न देशों और संगठनों द्वारा घोषित राहत पैकेज का ब्योरा इस प्रकार है:

सरकार या संगठन घोषित राहत पैकेज (अरब डॉलर में)
ब्रिटेन 36.8
इटली 28
यूएई 27.2
जापान 19.6
ऑस्ट्रेलिया 17.6
सऊदी अरब 13.3
थाईलैंड 12.7
विश्व बैंक 12
स्विटजरलैंड 10.5
दक्षिण कोरिया 9.8
इंडोनेशिया 9.5
कनाडा 8.5
अमेरिका 8.3
मिस्र 6.4
मलेशिया 5
सिंगापुर 4.5
ऑस्ट्रिया 4.4
हांगकांग 3.8
इजरायल 2.7
संयुक्त राष्ट्र 0.02

विभिन्न प्रमुख देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा उठाए गए कदमों का एक संक्षिप्त ब्योरा

प्रमुख केंद्रीय बैंक कदम
बैंक ऑफ इंग्लैंड

ब्याज दर में 0.5 फीसदी कटौती

ब्रटिश बैंकों के लिए कैपिटल रक्वायरमेंट घटाई

अमेरिकी फेडरल रिजर्व

ब्याज दर को 1.5 फीसदी घटाकर लगभग 0 किया

700 अरब डॉलर के बांड खरीदने की घोषणा की

पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना

प्राइम लेंडिंग रेट में 0.10 फीसदी (एक साल) और 0.05 फीसदी (5 साल) कटौती की

रिवर्स रेपो ऑपरेशन को 174 अरब डॉलर तक बढ़ाया

यूरोपीय केंद्रीय बैंक

ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं

135 अरब डॉलर (120 अरब यूरो) की संपत्ति खरीदने की घोषणा

बैंक ऑफ कनाडा लेंडिंग रेट में 0.5 फीसदी कटौती
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ब्याज दर में 0.25 फीसदी कटौती
सेंट्रल बैंक ऑफ मलेशिया

ओवरनाइट पॉलीसी रेट में 0.25 फीसदी कटौती

एसएमई के फाइनेंसिंग के लिए 0.7 अरब डॉलर आवंटित

यूएई केंद्रीय बैंक ने की 27 अरब डॉलर के राहत पैकेज की घोषणा

इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के केंद्रीय बैंक ने रविवार को अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए 27 अरब डॉलर के राहत पैकेज की घोषणा की थी। इसके तहत यूएई के बैंकों को सपोर्ट किया जाएगा और विभिन्न नियामकीय सीमाओं में ढील दी जाएगी। मध्य पूर्व के लगभग सभी देशों ने अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी लाने की कोशिश करने का वादा किया है। सऊदी अरब ने अलग से 13 अरब डॉलर की राहत पैकेज की घोषणा की है।

आरबीआई ने शुक्रवार को 1.5 अरब डॉलर बेच डाले

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपए को संभालने के लिए शुक्रवार को 1.5 अरब डॉलर बेच डाले। हालांकि, आरबीआई ने इसकी पुष्टि नहीं की है। आरबीआई के इस कदम से शुक्रवार को रुपया एशिया में दूसरा सर्वाधिक उछाल दिखाने वाली मुद्रा बन गया। रुपया डॉलर के मुकाबले 74.50 के ऐतिहासिक निचले स्तर से संभल गया और गुरुवार के मुकाबले 48 पैसे उछलकर 73.80 पर बंद हुआ। रुपए ने इससे पहले अक्टूबर 2018 में 74.48 का रिकॉर्ड निचला स्तर देखा था।

आरबीआई ने कहा कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है। मनी, डेट और फॉरेक्स बाजार में नकदी और स्थिरता बनाए रखने के लिए वह सभी जरूरी कदम उठाएगा। आरबीआई ने गुरुवार को कहा था कि बाजार को राहत देने के लिए वह कई चरणों में 6 महीने की अवधि वाले डॉलर बाय/सेल स्वैप को अंजाम देगा। इसके तहत बैंक आरबीआई से डॉलर खरीदेंगे। पहले चरण के तहत आरबीआई सोमवार को बैंकों को दो अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी डॉलर बेचेगा।


अमेरिका, चीन और जापान ने भी खोली अपनी तिजोरियां

शुक्रवार रात अमेरिका के फेडरल रिजर्व (फेड) ने 1-3 महीने की अवधि वाले एक लाख करोड़ डॉलर के रेपो ऑपरेशन की घोषणा की। इसी सप्ताह फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों की समीक्षा भी करने वाला है। दुनियाभर के निवेशक यह जानना चाहेंगे कि फेड मौद्रिक नीति समीक्षा में क्या फैसला करता है। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने बैंकों के रिजर्व रिक्वायरमेंट अनुपात को 0.5% घटाकर 1% कर दिया।

बैंक ऑफ जापान ने भी बांड खरीदकर कार्यक्रम की घोषणा कर दी। आईसीआईसीआई बैंक के ग्लोबल मार्केट प्रमुख बी प्रसन्ना ने कहा कि केंद्रीय बैंकों द्वारा उठाए गए इन्हीं कदमों के कारण शुक्रवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में रिकवरी हुई व उभरते बाजारों की मुद्रा भी संभली। इस बीच दक्षिण कोरिया के नियामक ने शेयर बाजार में 6 महीने के लिए शॉर्ट सेलिंग पर रोक लगा दी और शेयर बायबैक के नियम ढीले कर दिए।


डेढ़ लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में

कोरोनावायरस का संक्रमण 100 से अधिक देशों के 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों में फैल चुका है। इसके कारण 5 हजार 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मध्य पूर्व में सबसे ज्यादा संक्रमण ईरान में फैला है। ईरान में करीब 13 हजार लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं और 600 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। हालांकि दुनियाभर में 70 हजार से ज्यादा लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

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