• Home
  • Economy
  • Central banks across the world battle to get the economy out of the Corona virus led recession

इकोनॉमी /कोरोना वायरस से इकोनॉमी को बचाने की जंग में उतरे दुनियाभर के केंद्रीय बैंक

  • रविवार को यूएई के केंद्रीय बैंक ने 27 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की
  • सऊदी अरब पहले ही 13 अरब डॉलर खर्च करने की घोषणा कर चुका है
  • आरबीआई ने शुक्रवार को 1.5 अरब डॉलर बेच दिए, सोमवार को भी बेचेगा 2 अरब डॉलर

Moneybhaskar.com

Mar 15,2020 05:36:58 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के कारण मंदी की गिरफ्त में फंसती जा रही वैश्विक अर्थव्यवस्था को बचाने की जंग में अब दुनियाभर के केंद्रीय बैंक आगे आ रहे हैं। इस कड़ी में नया नाम है संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के केंद्रीय बैंक का। यूएई के केंद्रीय बैंक ने रविवार को अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए 27 अरब डॉलर के राहत पैकेज की घोषणा कर दी। इसके तहत यूएई के बैंकों को सपोर्ट किया जाएगा और विभिन्न नियामकीय सीमाओं में ढील दी जाएगी। मध्य पूर्व के लगभग सभी देशों ने अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी लाने की कोशिश करने का वादा किया है। सऊदी अरब ने अलग से 13 अरब डॉलर की राहत पैकेज की घोषणा की है।

आरबीआई ने शुक्रवार को 1.5 अरब डॉलर बेच डाले

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भारत के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपए को संभालने के लिए शुक्रवार को 1.5 अरब डॉलर बेच डाले। हालांकि आरबीआई ने इसकी पुष्टि नहीं की है। आरबीआई के इस कदम से शुक्रवार को रुपया एशिया में दूसरा सर्वाधिक उछाल दिखाने वाली मुद्रा बन गया। रुपया डॉलर के मुकाबले 74.50 के ऐतिहासिक निचले स्तर से संभल गया और गुरुवार के मुकाबले 48 पैसे उछलकर 73.80 पर बंद हुआ। रुपए ने इससे पहले अक्टूबर 2018 में 74.48 का रिकॉर्ड निचला स्तर देखा था। आरबीआई ने कहा कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है। मनी, डेट और फॉरेक्स बाजार में नकदी और स्थिरता बनाए रखने के लिए वह सभी जरूरी कदम उठाएगा। आरबीआई ने गुरुवार को कहा था कि बाजार को राहत देने के लिए वह कई चरणों में 6 महीने की अवधि वाले डॉलर बाय/सेल स्वैप को अंजाम देगा। इसके तहत बैंक आरबीआई से डॉलर खरीदेंगे। पहले चरण के तहत आरबीआई सोमवार को बैंकों को दो अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी डॉलर बेचेगा।

अमेरिका, चीन और जापान ने भी खोली अपनी तिजारियां

शुक्रवार रात अमेरिका के फेडरल रिजर्व (फेड) ने 1-3 महीने की अवधि वाले एक लाख करोड़ डॉलर के रेपो ऑपरेशन की घोषणा की। इसी सप्ताह फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों की समीक्षा भी करने वाला है। दुनियाभर के निवेशक की यह जानना चाहेंगे कि फेड मौद्रिक नीति समीक्षा में क्या फैसला करता है। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने बैंकों के रिजर्व रिक्वायरमेंट अनुपात को 0.5 फीसदी घटाकर एक फीसदी कर दिया। बैंक ऑफ जापान ने भी बांड खरीद कार्यक्रम की घोषणा कर दी। आईसीआईसीआई बैंक के ग्लोबल मार्केट प्रमुख बी प्रसन्ना ने कहा कि केंद्रीय बैंकों द्वारा उठाए गए इन्हीं कदमों के कारण शुक्रवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में रिकवरी हुई व उभरते बाजारों की मुद्रा भी संभली। इस बीच दक्षिण कोरिया के नियामक ने शेयर बाजार में 6 महीने के लिए शॉर्ट सेलिंग पर रोक लगा दी और शेयर बायबैक के नियम ढीले कर दिए।

मंदी की आहट से शुक्रवार को 10 फीसदी से ज्यादा गिरे थे बाजार

कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर की इकोनॉमी के मंदी में फंसने की आशंका के बीच दुनियाभर के बाजारों में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई थी। भारतीय बाजार सुबह खुलने के बाद 15 मिनट में ही 10 फीसदी से ज्यादा गिरकर लोअर सर्किट में फंस गया। इसके कारण 45 मिनट तक बाजार में कारोबार बंद हो गया। हालांकि भारत सहित दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की राहत पैकेज के असर से बीएसई का सेंसेक्स अंतत: 1,325.34 अंकों की तेजी बनाकर बंद हुआ।

डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों में फैल चुका है वायरस

कोरोना वायरस का संक्रमण 100 से अधिक देशों के 1,50,000 से अधिक लोगों में फैल चुका है। इसके कारण 5,700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मध्य पूर्व में सबसे ज्यादा संक्रमण ईरान में फैला है। ईरान में करीब 13,000 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं और 600 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। हालांकि दुनियाभर में 70,000 से ज्यादा लोग संक्रमण से बाहर निकल चुके हैं।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.