Home » इकोनॉमी » बैंकिंगनोटबंदी में किये ओवरटाइम का पैसा अब बैंक कर्मचारियों को मिलेगा - Bank Staff Will Get Overtime Money Done During Notes Ban/Demonetization

नोटबंदी में किए ओवरटाइम का मिलेगा पैसा, पब्लिक सेक्टर बैंकों ने शुरू किया प्रोसेस

नोटबंदी में बैंक कर्मचारियों द्वारा की गई मेहनत का फायदा अब उन्हें मिलने जा रहा है।

1 of

नई दिल्ली। नोटबंदी में बैंक कर्मचारियों द्वारा की गई मेहनत का फायदा अब उन्हें मिलने जा रहा है। पब्लिक सेक्टर  बैंक दौरान किए गए ओवरटाइम के लिए अपने कर्मचारियों को पैसे देने की तैयारी कर रहे है। इसका प्रोसेस जहां एसबीआई जैसे बैंकों ने शुरू कर दिया हैं, वहीं कई बैंकों ने इसकी शुरूआत भी कर दी है।

 

एसबीआई ने कर्मचारियों की मांगी डिटेल

 

एसबीआई के एचआर डिपार्टमेंट द्वारा 21 नवंबर को लिखे गए लेटर में ब्रांच हेड से ऐसे कर्मचारियों की डिटेल अपलोड करने को कहा गया है, जिन्होंने नोटबंदी के समय 37 दिनों में जिन कर्मचारियों ने ओवरटाइम किया है, उन्हें कम्पन्सेशन दिया जाएगा। यह लेटर अहमदाबाद जोन के लिए लिखा गया है। सूत्रों के अनुसार इसी तरह से दूसरे जोन में भी प्रोसेस रहेगा।

 

इन बैंकों ने शुरू किया पैसा देना

 

नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक्स वर्कर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अश्विनी राणा नेmoneybhaskar.com को बताया कि हम लगातार बैंकों से डिमांड कर रहे हैं, नोटबंदी के दौरान बैंक कर्मचारियों ने काफी मेहनत की है। ऐसे में उन्हें ओवरटाइम मिलना चाहिए। कुछ बैंकों ने इसकी शुरूआत कर दी है। जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने कर्मचारियों को ओवरटाइम का पैसा देना शुरु कर दिया है।

 

 

ये भी पढ़े -  नोटबंदी में डिपॉजिट का हिसाब नहीं देने वालों पर जनवरी से शुरू होगी I-T जांच

 

आईबीए ने लिखा था लेटर

 

इसके पहले बैंक कर्मचारियों की यूनियंस ने लेबर कमिश्नर के पास जाकर यह मांग की थी, उन्हें नोटबंदी के दौरान किए गए ओवरटाइम का पैसा मिले। जिसके बाद इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने 8 नवंबर 2017 को बैंकों को लेटर लिख कर कहा था कि वह सरकारी बैंकों के कर्मचारियों को ओवरटाइम का पैसा जल्द से जल्द दें।

 

बैंकों में जमा हुए थे 15 लाख करोड़

 

8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था। जिसमें 500 और 1000 रुपए के नोट लीगल टेंडर से बाहर कर दिए गए थे। इसके तहत जिन लोगों के पास पुराने नोट थे, उन्हें बैंकों में जमा करना था। ऐसी स्थिति में करीब 15 लाख करोड़ रुपए जमा करने का सारा दारोमदार बैंकों के ऊपर था। जिसके लिए ओवरटाइम करने जैसी सिचुएशन आई। अब बैंक कर्मचारी उस समय किए गए ओवरटाइम का पैसा मांग रहे हैं।

 

ये भी पढ़े -  नोटबंदी के बाद बैंक में जमा हुए 15 करोड़ बेनामी प्रॉपर्टी घोषित

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट