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स्कूल, कॉलेज खोलने के लिए बैंक देता है 5 करोड़ तक का लोन

बैंक ऑफ इंडिया ‘स्‍टार एसएमई एजुकेशन प्‍लस’ स्‍कीम के तहत एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूशंस, यूनिवर्सिटीज, कॉलेज और स्‍कूल्‍स को 5 करोड़ रुपए तक का लोन उपलब्‍ध कराता है।

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नई दिल्‍ली। देश के एजुकेशन सेक्‍टर को बूस्‍ट देने पर सरकार के साथ-साथ बैंकों का भी खास फोकस है। सरकारी क्षेत्र के कई बैंक यूनिवर्सिटी, कॉलेज, स्‍कूल या अन्‍य दूसरे एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट खोलने, बिल्डिंग बनाने, मरम्‍मत आदि के लिए लोन उपलब्‍ध कराते हैं। इनमें बैंक ऑफ इंडिया ‘स्‍टार एसएमई एजुकेशन प्‍लस’ स्‍कीम के तहत एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूशंस, यूनिवर्सिटीज, कॉलेज और स्‍कूल्‍स को 5 करोड़ रुपए तक का लोन उपलब्‍ध कराता है। यदि आप एजुकेशन सेक्‍टर में कदम रखने या उसमें एक्‍सपेंशन की सोच रहे हैं, तो बैंक ऑफ इंडिया की इस स्‍कीम का फायदा उठा सकते हैं। यह लोन बैंक ऑफ इंडिया की किसी भी ब्रांच से लिया जा सकता है।
 
किसे मिलता है लोन
 
बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से यह लोन यूनिवर्सिटी, कॉलेज, स्‍कूल, एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूशन को मिलता है।
 
किसलिए मिलता है लोन
 
बैंक ऑफ इंडिया ‘स्‍टार एसएमई एजुकेशन प्‍लस’ स्‍कीम के तहत यह लोन बिल्डिंग के कंस्‍ट्रक्‍शन, रिनोवेशन, रिपेयर के साथ-साथ कम्‍प्‍यूटर, लैब इक्विपमेंट, फर्नीचर एंड फिक्‍सचर्स, बूक्‍स आदि खरीदने के लिए मिलता है। बिल्डिंग के कंस्‍ट्रक्‍शन, रिनोवेशन या रिपेयर के लिए सभी संबंधित अथॉरिटीज से अप्रुवल, जिसके आधार पर लोन मिलता है, होना जरूरी है।
 
लोन के लिए जरूरी पात्रता
 
बैंक ऑफ इंडिया से यह लोन हासिल करने के लिए कुछ जरूरी पात्रता होनी जरूरी है। मसलन, एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूशन को सरकार या सरकारी एजेंसिंयों से इंस्‍टीट्यूट चलाने के लिए सभी जरूरी अप्रुवल होने चाहिए। उन्‍हें तीन साल का ऑडिटेड फाइनेंशियल स्‍टेटमेंट स‍बमिट करना होगा। पिछले दो साल से एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूशन लाभ में होना चाहिए। नए एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूशंस के लिए भी लोन मिल सकता है, बशर्ते उनका फाइनेंशियल और नॉन फाइनेंशियल प्रोजेक्‍शन वाबिज और तर्कसंगत हो। इंस्‍टीट्यूशन की एंट्री लेवल क्रेडिट रेटिंग एसबीएस 5 होनी चाहिए। 
 
लोन अमाउंट और नेचर
 
बैंक ऑफ इंडिया ‘स्‍टार एसएमई एजुकेशन प्‍लस’ स्‍कीम के तहत मिनिमम 10 लाख रुपए और मैक्सिमम 5 करोड़ रुपए तक का लोन मिल सकता है। यह टर्म लोन होता है।
 
रिपेमेंट और अप्रेजल के नॉर्म्‍स
 
इस टर्म लोन के रिपेमेंट की मैक्सिमम अवधि 8 साल है। इसमें 12 से 18 महीने का रिपेमेंट एक्‍सटेंशन का समय भी शामिल है। किस्‍त की अवधि का निर्धारण कैश फ्लो के आधार पर किया जाएगा। लोन के अप्रेजल के लिए आवदेक के पास किस्‍त और ब्‍याज दोनों के लिए पर्याप्‍त कैश फ्लो होना चाहिए।   
 
क्‍या होगा इंटरेस्‍ट रेट
 
बैंक के मौजूदा स्‍ट्रक्‍चर के इंटरेस्‍ट रेट देय होगा। यह एचओबीसी:104/94 डेट 15/11/2010 के इंटरेस्‍ट स्‍ट्रक्‍चर के तहत तय होगा।  
 
अगली स्‍लाइड में पढ़ें- सिक्‍युरिटी और इंश्‍योरेंस के प्रावधान 
 
 
क्‍या होगी सिक्‍युरिटी
 
बैंक ऑफ इंडिया की इस स्‍कीम के तहत यदि लोन मशीनरीज या इक्विपमेंट्स के लिए दिया जाता है, तो उस एसेट को गिरवी रखना होगा। जहां कंस्‍ट्रक्‍शन प्रस्‍तावित है, वहां जमीन और बिल्डिंग को मोर्गेज (बंधक) रखना होगा। यह प्राइमरी सिक्‍युरिटी होगी। इसके अलावा, कोलेटरल के लिए मुख्‍य व्‍यक्ति, प्रमोटर या ट्रस्‍टी की गारंटी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
 
इंश्‍योरेंस का क्‍या है प्रावधान
 
जिस एसेट यानी कंस्‍ट्रक्‍शन के लिए बैंक लोन दे रहा है, उसका पूरी तरह बीमा होना चाहिए। इसमें दंगे या पब्लिक के हंगामे के दौरान एसेट को नुकसान पहुंचने के लिए जोखिम से बचाने का इंश्‍योरेंस भी शामिल है। इंश्‍योरेंस पॉलिसी का समय-समय पर रिन्‍यू होनी चाहिए और उसकी कॉपी बैंक ब्रांड के रिकॉर्ड में होनी चाहिए। बैंक के पास गिरवी रखी प्रॉपर्टी का अलग से इंश्‍योरेंस होना जरूरी है। 
 
अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- 
http://www.bankofindia.co.in/english/StarEducationPlus.aspx 
 
 
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