एक्शन /बैंकों से फ्रॉड करके खरीद लिए शिप, प्लेन और ऑयल रिग्स, अब जब्त हुई 9778 करोड़ रुपए की संपत्ति 

  • प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गुजरात की दवा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक पर बड़ी कार्रवाई की

Moneybhaskar.com

Jun 26,2019 08:10:00 PM IST


नई दिल्ली.
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गुजरात की दवा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक (Sterling Biotech) पर बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने इस क्रम में नाइजीरिया में कंपनी के ऑयल रिग्स, लंदन में एक बिजनेस जेट और आलीशान फ्लैट सहित लगभग 9,700 करोड़ रुपए की एसेट जब्त कर ली।

ईडी की जब्ती की सबसे बड़ी कार्रवाई

ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह जांच एजेंसी द्वारा अभी तक की जब्ती की सबसे बड़ी कार्रवाई है और इसमें अधिकांश संपत्तियां विदेश में हैं और इनका कुल मूल्य लगभग 9,778 करोड़ रुपए है।

नाइजीरिया, अमेरिका और ब्रिटेन में संपत्तियां अटैच

जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इस कार्रवाई में नाइजीरिया में चार ऑयल रिग्स और ओएमएल143 नाम का एक तेल क्षेत्र, पनामा में रजिस्टर्ड चार जहाज (तुलजाभवनी, वरिंदा, भव्या और ब्राह्मणीत्स), अमेरिका में रजिस्टर्ड एक गल्फस्ट्रीम जेट और लंदन में एक आलीशान फ्लैट जब्त किया गया। इसमें कहा गया जहाजों की होल्डिंग कंपनी अटलांटिक ब्लू वाटर सर्विसेस है।

दवा कंपनी पर 8,100 करोड़ रु के लोन फ्रॉड का आरोप

वडोदरा की दवा कंपनी 8,100 करोड़ रुपए के बैंक लोन फ्रॉड का आरोप है और उसके मुख्य प्रमोटर नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा इन दिनों भारत से फरार हैं।
ईडी को अपनी जांच में संदेसरा फैमिली के हाई-प्रोफाइल राजनेताओं के साथ गठजोड़ का भी पता चला है। सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और कर चोरी जैसी आपराधिक धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया है। इससे पहले ईडी इसी मामले में 4,700 करोड़ रुपए की संपत्तियां भी जब्त कर चुकी है।

इस तरह से ताक पर रख दिए नियम

एजेंसी ने कहा, ‘मुख्य प्रमोटर्स ने न सिर्फ लोन की रकम से नाइजीरिया स्थिति ऑयल बिजनेस में लगाकर हेराफेरी की, बल्कि उसे अपने व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया।’ ईडी ने कहा, ‘जांच में यह भी सामने आया कि ग्रुप ने लेटर्स ऑफ क्रेडिट के माध्यम से 4,500 करोड़ रुपए की राउंड ट्रिपिंग करके आरबीआई के नियमों का उल्लंघन किया।’
कंपनी पर आंध्रा बैंक की अगुआई वाले कंसोर्टियम से 5,383 करोड़ रुपए का लोन लेने का आरोप है, जिसे बाद में नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स घोषित कर दिया गया। इस प्रकार कंपनी ने कुल 8,100 करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड को अंजाम दिया।

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