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बड़े लेनदारों के लिए लोन सिस्टम में बदलाव करेगा RBI, जारी किए ड्राफ्ट नॉर्म्स

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़े लेनदारों के लिए लोन सिस्टम में बदलाव की दिशा में बड़ी पहल कर दी है।

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मुंबई. रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़े लेनदारों के लिए लोन सिस्टम में बदलाव की दिशा में बड़ी पहल कर दी है। इस क्रम में आरबीआई ने सोमवार को लोन सिस्टम पर ड्राफ्ट गाइडलाइन जारी कर दी। इसका उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम से वर्किंग कैपिटल फैसिलिटी हासिल करने वाले बड़े कर्जदारों के लिए सिस्टम को अनुशासित बनाना है। 
 
क्रेडिट कन्वर्जन फैक्टर होगा जरूरी 
 
आरबीआई ने एक बयान में कहा कि ड्राफ्ट में बड़े लेनदारों के लिए वर्किंग कैपिटल फाइनेंस बेस्ड फंड में ‘लोन कंपोनेंट’ के न्यूनतम स्तर का उल्लेख किया गया है। साथ ही कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट लिमिट के अनड्रान पोर्शन के लिए क्रेडिट कन्वर्जन फैक्टर (सीसीएफ) अनिवार्य बनाने का भी प्रस्ताव है।
 
40% होगा न्‍यूनतम स्‍तर 
 
आरबीआई की ओर से बड़े उधारकर्ताओं के लिए बैंक क्रेडिट के वितरण सिस्टम को संशोधित करने के इस मसौदे में कहा गया है कि‍ बैंकिंग प्रणाली से 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक की कुल फंड आधारित वर्कि‍ंग कैपि‍टल लि‍मि‍ट वाले उधारकर्ताओं के लि‍ए न्‍यूनतम स्‍तर पर 40 फीसदीलोन कंपोनेंट ही 1 अक्टूबर, 2018 से प्रभावी होगा। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि‍ 1 अप्रैल, 2019 से 40 फीसदी लोन कंपोनेंट को 60 फीसदी तक संशोधित किया जा सकता हैैै।
आगे पढ़ें : 26 जून तक मांगी आपत्‍ति‍यां 
 
 

26 जून तक मांगी आपत्‍ति‍यां 
 
आबीआई ने 26 जून तक सभी बैंकों और अन्य स्‍टेक होल्‍डर्स से इस मसौदे पर टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। ताकि‍ जल्‍द से जल्‍द उनका नि‍पटारा कि‍या जा सके। मसौदे में कहा गया है कि‍ कैश क्रेडिट और लोन कंपोनेंट को साझा करने के लिए कंसोर्टियम की ओर से नि‍यम तय कि‍ए जा सकते हैं। 
 
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