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बैंकों का और बढ़ेगा NPA, RBI ने FSR रि‍पोर्ट में जारी की चेतावनी

मार्च 2018 में बैंकों का ग्रॉस एनपीए रेशि‍यो जो कि‍ 11.6 फीसदी था, वह इस साल के अंत तक बढ़कर 12.2 फीसदी तक हो सकता है।

NPA situation likely to worsen further, says RBI

मुंबई. आरबीआई ने मंगलवार को बैंकिंग क्षेत्र की एक निराश करने वाली तस्वीर को पेश करते हुए कहा कि‍ मार्च 2018 में बैंकों का ग्रॉस एनपीए रेशि‍यो जो कि‍ 11.6 फीसदी था, वह इस साल के अंत तक बढ़कर 12.2 फीसदी तक हो सकता है। फाइनेंशि‍यल स्‍टेबि‍लि‍टी रि‍पोर्ट (एफएसआर) में आरबीआई ने कहा है कि बैंकिंग क्षेत्र में NPA का तनाव जारी है। ऐसे में ग्रॉस नॉन परफॉर्मि‍ंग एडवांस (जीएनपीए) रेशि‍या बढ़ सकता है।

 

आरबीआई ने कहा है कि प्रॉम्‍ट करेक्टिव एक्‍शन फ्रेमवर्क (PCA) वाले 11 सरकारी बैंकों का जीएनपीए अनुपात मार्च 2018 के 21 फीसदी की तुलना में बढ़कर इस वित्त वर्ष के अंत तक 22.3 फीसदी हो सकता है।

 

PCA वाले 11 बैंकों की स्थिति ज्‍यादा खराब

आरबीआई ने प्रॉम्‍ट करेक्टिव एक्‍शन फ्रेमवर्क (PCA) वाले 11 सरकारी बैंकों का जिक्र करते हुए कहा कि इन बैंकों का जीएनपीए अनुपात मार्च 2018 में 21 प्रतिशत से बढ़कर चालू वित्‍तीय वर्ष के अंत तक 22.3 प्रतिशत तक हो सकता है। ऐसे में 11 बैंकों में से 6 बैंकों को 9 फीसदी की जरूरी और न्यूनतम कैपि‍टल शॉर्टफॉल सीआरएआर (जोखिम भारित संपत्ति अनुपात) से दो चार होना पड़ सकता है।

 

PCA वाले बैंकों पर लागू होते हैं कई प्रतिबंध

PCA के तहत इस वक्‍त 11 बैंक हैं। इन बैंकों पर RBI के कई प्रतिबंध लागू होते हैं। इन बैंकों में आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, देना बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडि‍या, कार्पोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक शामिल हैं।

 

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