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'डिजिटल सेवी' हैं तो बैंक में प्रमोशन मिलना होगा आसान, तैयार हो रहा है नया फॉर्मेट

अगर आप पब्लिक सेक्टर में बैंक में काम करते हैं और आप डिजिटल सेवी हैं, तो आपके लिए प्रमोशन पाना आसान होगा।

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नई दिल्ली।  अगर आप पब्लिक सेक्टर में बैंक  में काम करते हैं और आप डिजिटल सेवी हैं, तो आपके लिए प्रमोशन पाना आसान होगा। बैंक्स बोर्ड ब्यूरो फ्यूचर लीडर तैयार करने के लिए नया फॉर्मेट तैयार कर रहा है। जिसमें डिजिटल सेवी कर्मचारियों को खास तौर पर तरजीह दी जाएगी। बढ़ते चैलेंज और बदलती जरुरतों को देखते हुए सरकार अब नए लीडरशिप प्रोग्राम पर काम कर रही है। जिससे कि फ्यूचर लीडर को समय से पहले पहचान कर उन्हें लीडरशिप के लिए तैयार किया जा सके।

 
क्या है प्लान
 
सूत्रों के अनुसार अभी पब्लिक सेक्टर बैंकों में टॉप लेवल पर ऐसे लोग नहीं आ पा रहे हैं, तो कि आज की जरूरतों को देखते हुए तैयार हो सके। ऐसे में प्राइवेट सेक्टर बैंकों से उन्हें काफी चैलेंज मिल रहा है। इसे देखते हुए इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने बैंक्स बोर्ड ब्यूरो को सलाह दी थी, कि लीडरशिप तैयार करने के लिए एक फ्यूचर बेस्ड प्लान लाया जाय। जिसके जरिए फ्यूचर के लीडर तैयार हो सकें। इस संबंध में बैंक बोर्ड ब्यूरो एक नॉलेज पार्टनर अप्वाइंट करेगा। जिसका काम होगा, कि लीडरशिप तैयार करने के लिए एक फ्लैगशिप लीडरशिप डेवलपमेंट स्ट्रैटेजिक प्लान तैयार किया जाय। जिसके आधार पर बैंक में टॉप लीडरशिप तय के लिए एक श्रृंखला तैयार हो सके। इसमें ऐसे लोगों को ज्यादा तरजीह दी जाएगी जो कि डिजिटल सेवी हैं, बेहतर स्ट्रैटेजी बनाने वाले हैं,  साथ ही टीम के साथ आसान से घुलने-मिलने वाले लोग हो। जिससे कि एक टीम स्रिपिट के तरह काम किया जा सके।
 
 
 
सरकारी बैंकों में 7 लाख करोड़ से ज्यादा हो चुका है एनपीए
 
पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा में घोटाले के कई मामले अभी बैंकों में आए हैं। इसके अलावा पब्लिक सेक्टर बैंकों में बढ़ता एनपीए भी सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है। एक्सपर्ट का मानना है कि इसकी एक बड़ी वजह बेहतर लीडरशिप सामने नहीं आना है। अकेले पब्लिक सेक्टर बैंकों का सितंबर 2017 तक एनपीए 7.34 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया था, जिसके मार्च 2018 तक और बढ़ने की उम्मीद है।इसके अलावा हाल ही में पीएनबी में हुए 11 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले ने सरकार के लिए चैलेंज खड़ा कर दिया है।2014 में आई मोदी सरकार ने बैंकों में सीनियर अफसरों के सिलेक्शन की प्रॉसेस को बैंक्स बोर्ड ब्यूरो बनाकर उसे सौंप दिया है।सरकार का दावा है कि इसके जरिए बैंकों में राजनीतिक दखल कम होगा।
 
बैंकों के चेयरमैन और एमडी का सेलेक्शन भी होगा सख्त
 
प्रमोशन के अलावा अब बैंकों के चेयरमैन, एमडी और सीईओ जैसे पदों का सिलेक्शन प्रॉसेस भी सरकार सख्त करने जा रही है। इसके लिए अब एडवाइजरी फर्म अप्वाइंट करने की तैयारी है, जो  बैंकों में बड़े पदों पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों की लीडरशिप क्वॉलिटी पहचाने में बैंक्स बोर्ड ब्यूरो की मदद करेगी। इस संबंध में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने प्रॉसेस भी शुरू कर दिया है।
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