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RBI का Kotak Mahindra को झटका, कहा-स्टेक सेल रेग्युलेटरी शर्तों पर खरी नहीं

RBI ने देश के प्राइवेट सेक्टर के अग्रणी बैंक Kotak Mahindra को तगड़ा झटका दिया।

RBI says Kotak stake dilution does not meet its norms

 
मुंबई. रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के प्राइवेट सेक्टर के अग्रणी बैंक Kotak Mahindra को तगड़ा झटका दिया। RBI ने मंगलवार को कहा कि बैंक के फाउंडर उदय कोटक द्वारा हाल में की गई स्टेक सेल रेग्युलेटरी नॉर्म्स को पूरा नहीं करती है। गौरतलब है कि कोटक ने 2 अगस्त को प्रीपेच्युअल नॉन क्यूमलेटिव प्रिफरेंस शेयर्स (PNCPS) जारी कर बैंक में अपनी व्यक्तिगत हिस्सेदारी 20 फीसदी से नीचे ले आए थे।
 

 

PNCPS से पूरी नहीं होती शर्त 
देश के चौथे बड़े बैंक ने एक रेग्युलेटरी फाइलिंग में कहा, ‘RBI ने हमें सूचित किया है कि हमारे द्वारा PNCPS जारी किए जाने से रेग्युलेटर की प्रमोटर होल्डिंग में कमी की शर्त पूरी नहीं होती है।’ हालांकि बैंक ने कहा कि इक्विटी डायल्यूशन से रेग्युलेटरी शर्त पूरी होती है। बैंक ने कहा, ‘हमारा मानना है कि हमने शर्त को पूरा कर लिया है और इस संबंध में आरबीआई से संपर्क करेंगे।’
 

 

उदय कोटक ने 2 अगस्त को घटाई थी होल्डिंग 
उदय कोटक ने बीती 2 अगस्त को Kotak Mahindra में हिस्सेदारी 30 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी की थी। प्रिफरेंशियस शेयर जारी किए जाने से पहले बैंक में उनकी हिस्सेदारी 30.03 फीसद थी। कोटक महिंद्रा बैंक ने 500 करोड़ के प्रेफरेंस शेयर जारी किए थे। बैंक ने रेग्युलेटरी फाइलिंग में कहा था, “500 करोड़ रुपए के PNCPS जारी किए जाने के बाद बैंक की पेड-अप कैपिटल 953.16 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,453.16 करोड़ रुपए हो गई है। पीएनसीपीएस जारी करने के बाद, प्रमोटर होल्डिंग पेडअप पूंजी की 19.70 फीसद हो गई है। ऐसा 31 दिसंबर, 2018 को आरबीआई की ओर से जारी किए गए मानकों को पूरा करने के संबंध में किया गया है।”
गौरतलब है कि आरबीआई ने प्राइवेट सेक्टर के बैंकों से प्रमोटर होल्डिंग 31 दिसंबर 2018 तक घटाकर 20 फीसदी और 31 मार्च 2020 तक 15 फीसदी तक लाने के लिए कहा था। 

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