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क्या रेपो रेट में होगी कटौती? RBI की मॉनिटरी पॉलिसी में होगा ऐलान

रिजर्व बैंक (Reserve Bank) की इस साल की आखिरी बाईमंथली मॉनिटरी पॉलिसी (monetary policy) का गुरुवार को ऐलान होगा।

RBI expected to soften stance to 'neutral', without rate cut

रिजर्व बैंक (Reserve Bank) की इस साल की आखिरी बाईमंथली मॉनिटरी पॉलिसी (monetary policy) का गुरुवार को ऐलान होगा। इसमें रेपो रेट्स में कोई बदलाव नहीं होने का अनुमान है। इससे पहले हुई दो बाईमंथली पॉलिसी में भी आरबीआई का यही रुख रहा था।

नई दिल्ली. रिजर्व बैंक (Reserve Bank) की इस साल की आखिरी बाईमंथली मॉनिटरी पॉलिसी (monetary policy) का गुरुवार को ऐलान होगा। इसमें रेपो रेट्स में कोई बदलाव नहीं होने का अनुमान है। इससे पहले हुई दो बाईमंथली पॉलिसी में भी आरबीआई का यही रुख रहा था।

 

दरों में बदलाव की संभावना कमः एसबीआई

एसबीआई इकोरैप ने कहा, 'रिजर्व बैंक के फरवरी में अपने रुख में बदलाव करने की उम्मीद है हालांकि, दरों में वृद्धि करने की संभावना कम ही है। दरों में पहली कटौती अप्रैल 2019 में की जा सकती है। हालांकि, अगर बैंक सात फरवरी को दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती करता है तो हमें हैरानी नहीं होगी।'
रिजर्व बैंक की नीतिगत दर (रेपो) अभी 6.50 प्रतिशत है। रिजर्व बैंक ने 1 अगस्त 2018 को रेपो दर में 0.25 प्रतिशत बढा कर 6.50 प्रतिशत किया था। इसी दर पर वह बैंकों को एक दिन के लिए उधार देता है। इसके बढ़ने से बैंकों का कर्ज महंगा हो जाता है। 

 

काबू में है महंगाई

रिपोर्ट में कहा गया है कि दरअसल इस बात के कुछ कारण है, जिसे देखकर लगता है कि आरबीआई कटौती कर सकता है। पहला प्रमुख मुद्रास्फीति अब भी नीचे स्तर पर बनी हुई और वृद्धि दर नरम है। दूसरा, जनवरी में ऋण वृद्धि में दूसरे पखवाड़े में गिरावट आई है। केंद्रीय बैंक ने पिछली तीन मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग में नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखा है। इससे पहले इस वित्त वर्ष में दो बार 0.25-0.25 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। 

 

रुख में बदलाव की ज्यादा गुंजाइश नहीं

एडलवाइस सिक्योरिटीज के मुताबिक, महंगाई केंद्रीय बैंक के अनुमान से कम बनी हुई है, घरेलू ग्रोथ की रफ्तार सुस्त पड़ रही है और ग्लोबल रेट साइकिल अपने पीक पर है। ऐसे में एमपीसी के पास अपने रुख में बदलाव को लेकर ज्यादा गुंजाइश नहीं है और इसलिए संभावित तौर पर रेट कट का फैसला हो सकता है।
 

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