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RBI गवर्नर उर्जित पटेल दे सकते हैं इस्तीफा, सफाई देने को मजबूर हुई सरकार

Urjit Patel: ऑटोनॉमी विवाद के बाद पटेल ले सकते हैं बड़ा फैसला

Reports say RBI Governor Urjit Patel may resign

 

मुंबई/बेंगलुरू. विभिन्न मुद्दों पर सरकार और रिजर्व बैंक (RBI) के बीच संबंधों में तल्खी गवर्नर उर्जित पटेल (Urjit Patel) अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इस खबर के बाद रुपया और बांड में बिकवाली तेज हो गई है। रॉयटर्स ने कुछ टीवी चैनलों का हवाला देते हुए यह खबर पब्लिश की है। इस बीच सरकार को आरबीआई के साथ चल रहे विवादों के बीच सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा है।

 

वित्त मंत्रालय ने जारी की सफाई

उर्जित पटेल के इस्तीफे की खबरों और आरबीआई के साथ गतिरोध की खबरों के बीच सरकार को आनन-फानन में सफाई भी जारी करनी पड़ी है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि सरकार केंद्रीय बैंक की ऑटोनॉमी का पूरा सम्मान करती है। मंत्रालय ने कहा, ‘आरबीआई एक्ट के फ्रेमवर्क के अंतर्गत केंद्रीय बैंक की ऑटोनॉमी बेहद आवश्यक और भारतीय इकोनॉमी के लिए जरूरी है। इस उद्देश्य से समय-समय पर सरकार और आरबीआई के बीच विचार-विमर्श होते रहते हैं।’

 

 

सरकार ने आरबीआई को जारी किए तीन लेटर

हालांकि वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में आरबीआई गवर्नर को डायरेक्शन देेने में उस पावर का इस्तेमाल करने पर कोई टिप्पणी नहीं की, जिसका इस्तेमाल आज तक सरकार ने इस्तेमाल नहीं किया।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सरकार ने आरबीआई एक्ट के सेक्शन 7 (1) के अंतर्गत विभिन्न मुद्दों पर कम से कम तीन लेटर जारी किए, जिससे सरकार को पब्लिक इंटरेस्ट के मुद्दों पर केंद्रीय बैंक को दिशा-निर्देश देने का अधिकार मिलता है।

 

 

सरकार के पहली बार सेक्शन 7 के इस्तेमाल की खबर

सूत्रों के मुताबिक, उर्जित पटेल जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि आरबीआई और वित्त मंत्रालय ने इस खबर पर कोई कमेंट नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरबीआई ने पब्लिक इंटरेस्ट से जुड़े मसलों पर केंद्रीय बैंक को निर्देश देने के लिए कभी आरबीआई एक्ट के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल नहीं किया। हालांकि हाल के हफ्तों में सरकार ने नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC), कमजोर बैंकों को कैपिटल की जरूरत और छोटी-मझोली कंपनियों को लेंडिंग जैसे कई मुद्दों पर आरबीआई एक्ट के सेक्शन 7 के अंतर्गत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए आरबीआई गवर्नर को कई लेटर भेजे हैं।

 

 

आजाद भारत में कभी यूज नहीं हुआ यह सेक्शन

सेक्शन 7 कहता है कि केंद्र सरकार केंद्रीय बैंक के गवर्नर के साथ परामर्श के बाद आरबीआई को निर्देश देने के लिए समय-समय पर सेक्शन 7 का इस्तेमाल कर सकती है। हालांकि स्वतंत्र भारत में इस सेक्शन का इस्तेमाल किसी भी सरकार ने नहीं किया।    

 

 

बॉन्ड और रुपए में गिरावट

ऐसी खबरों के बीच 10 साल का बेंचमार्क बांड 7.87 फीसदी तक पहुंच गया, जो एक दिन पहले तक 7.83 फीसदी के स्तर पर था। वहीं रुपया बुधवार को कमजोर होकर 73.99 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जो एक दिन पर 73.65 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था।

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