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PNB फ्रॉड के बाद RBI का बड़ा एक्शन, अब बैंक जारी नहीं कर सकेंगे LOU

13000 करोड़ रुपए के पीएनबी फ्रॉड में रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की है।

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नई दिल्ली. लगभग 13,000 करोड़ रुपए के पीएनबी फ्रॉड के बाद रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की है। आरबीआई ने इस क्रम में देश के सभी बैंकों पर इंपोर्ट के लिए कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिग (एलओयू) और लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी)  जारी करने पर रोक लगा दी है। हालांकि लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंक गारंटी भी कुछ शर्तों के साथ ही दी जा सकेगी। माना जा रहा है कि नीरव मोदी फ्रॉड के बाद ऐसे स्कैम्स पर रोक लगाने के लिए आरबीआई ने यह फैसला किया है। वहीं वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने बताया है कि नीरव मोदी ने पीएनबी से कुल मिला कर 74 महीनों में 1212 एलओयू जारी कराए।

 

कुछ शर्तों के साथ जारी होंगे एलओसी, बैंक गारंटी

आरबीआई द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, रिव्यू के बाद बैंकों के ट्रेड क्रेडिट के लिए एलओयू, लेटर ऑफ क्रेडिट (एलओसी) और बैंक गारंटी जारी किए जाने से संबंधित गाइडलाइंस में संशोधन किया गया है। इसके तहत अब एडी कैटेगरी-1 के बैंकों द्वारा इंपोर्ट के लिए ट्रेड क्रेडिट के वास्ते एलओयू/एलओसी जारी करने की प्रैक्टिस पर रोक लगा दी गई है। 

हालांकि कुछ प्रोविजंस के कंप्लायंस की शर्त के साथ भारत में इंपोर्ट के वास्ते ट्रेड क्रेडिट के लिए एलओसी और बैंक गारंटी जारी करने की सुविधा जारी रह सकती है। गाइडलाइंस में ये बदलाव सर्कुलर जारी करने की तारीख से ही लागू माने जाएंगे।


 

नीरव मोदी की कंपनियों को जारी हुए एलओयू

नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों को पीएनबी ने पहली एलओयू 10 मार्च 2011 में जारी की थी। इसके बाद यह किस्‍सा चलता रहा और कुल मिलाकर 1212 बार इनसे जुड़ी कंपनियों को यह एलओयू जारी किए गए। एक बार में दिन में 5 बार यह गारंटी जारी की गई। राज्‍य सभा में मंगलवार को जेटली ने लिखिल उत्‍तर में बताया कि अंतिम बार एलओयू 23 मई 2017 को जारी किया गया। इन 5 सालों में केवल 53 एलओयू ही सही तरीके से जारी किए गए।

 

क्‍या है LoU 
LoU एक तरह की गारंटी है। यह जिसके पास होती है वह इस पर लिखी रकम को तय बैंक की शाखा से ले सकता है। स्विफ्ट (एक कंप्‍यूटराइज्‍ड तरीका) माध्‍यम से यह LoU जारी की जाती हैं। इनके आधार पर ऑनलाइन लेनदेन होता है। बैंक इसे दुनियाभर में कहीं के लिए जारी कर सकते हैं।

 

 

क्या है पीएनबी घोटाला?
पीएनबी ने फरवरी में सीबीआई को बैंक में 11,400 करोड़ के फ्रॉड की जानकारी दी थी। बाद में यह फ्रॉड बढ़कर 13 हजार करोड़ रुपए का हो गया। यह घोटाला मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हुआ। 2011 से 2018 के बीच हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिग (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई। इसमें हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी मुख्य आरोपी हैं। वे देश छोड़कर जा चुके हैं।


 

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