चुनाव से पहले आखिरी सौगात दे सकती है सरकार, बढ़ेगा पोस्ट ऑफिस-बैंक में रखा पैसा

आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार देश के ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और किसानों में लोकप्रिय कुछ छोटी बचत योजनाओं (Small savings scheme) पर लागू ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकती है।  सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ब्याज दरों में वृद्धि के लिए इस समय लघु बचत योजनाओं  (Small savings scheme) का मूल्यांकन कर रहा है। 

moneybhaskar

Feb 25,2019 08:00:00 PM IST

नई दिल्ली. आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार देश के ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और किसानों में लोकप्रिय कुछ छोटी बचत योजनाओं (Small savings scheme) पर लागू ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ब्याज दरों में वृद्धि के लिए इस समय लघु बचत योजनाओं (Small savings scheme) का मूल्यांकन कर रहा है।

अप्रैल-जून तिमाही के लिए बढ़ सकती हैं ब्याज दर

इस संबंध में फैसला होने पर ब्याज दरों में परिवर्तन अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में लागू हो सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा 2018-19 के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर 8.55 फीसदी से बढ़कार 8.65 फीसदी करने के प्रस्ताव की घोषणा किए जाने के बाद छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में संशोधन करने पर विचार किया जा रहा है।

पेंशनर्स, बुजुर्गों, छोटी बचत करने वालों को मिलेगा फायदा

ब्याज दरों में बदलाव अमल में आने पर इससे पेंशनर्स, बुजुर्गों, किसानों और मुख्य रूप से छोटी बचतों के ब्याज से होने वाली आय पर निर्भर रहने वाले लोगों को फायदा होगा। सूत्रों ने बताया कि ब्याज दरों में कितनी वृद्धि होगी और किन योजनाओं को इसमें शामिल किया जाएगा, इस पर अभी विचार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह बदलाव चुनाव की तारीखों की घोषणा समीप आने पर किया जा सकता है क्योंकि इस कदम का मकसद देशभर में लाखों छोटे इन्वेस्टर्स को फायदा पहुंचाना है।

 

जल्द लागू हो सकती है आचार संहिता

चुनाव की तिथियों की घोषणा होने के बाद आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने के कारण सरकार किसी कल्याणकारी योजना की घोषणा नहीं कर सकती है। 
लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। पिछली बार सरकार ने तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए सितंबर 2018 में ब्याज दरों में वृद्धि की घोषणा की थी। 

 

 
 
पिछली बार हुई थी इतनी बढ़ोतरी

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी सर्कलुर के अनुसार, सितंबर में विभिन्न लघु बचत योजनाओं में 30 से 40 आधार अंकों (0.30 से 0.40 फीसदी) की वृद्धि की गई थी।  वृद्धि के बाद पीपीएफ और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) पर ब्याज दर आठ फीसदी, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.5 फीसदी जबकि वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.7 फीसदी हो गई। सिर्फ डाकघर लघु बचत योजना पर ब्याज दर को चार फीसदी पर स्थिर रखा गया। 

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