मार्च के अंत तक बैंक वसूलेंगे 70 हजार करोड़ के बैड लोन, जेटली ने जताया भरोसा

वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने गुरुवार को कहा कि एनसीएलटी (NCLT) द्वारा सुलझाए गए 66 मामलों से ऋणदाताओं यानी क्रेडिटर्स को 80,000 करोड़ रुपए की रिकवरी करने में कामयाबी मिली है। साथ ही मार्च के अंत तक अतिरिक्त 70,000 करोड़ रुपए से ज्यादी की रिकवरी होने की उम्मीद है।

moneybhaskar

Jan 03,2019 04:47:00 PM IST

नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने गुरुवार को कहा कि एनसीएलटी (NCLT) द्वारा सुलझाए गए 66 मामलों से ऋणदाताओं यानी क्रेडिटर्स को 80,000 करोड़ रुपए की रिकवरी करने में कामयाबी मिली है। साथ ही मार्च के अंत तक अतिरिक्त 70,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकवरी होने की उम्मीद है।

जेटली ने कांग्रेस पर लगाया आरोप

जेटली ने कांग्रेस के विरासत में कमर्शियल इनसॉल्वेंसी के ‘गलत सिस्टम’ को छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने नॉन परफॉर्मिंग यानी बैड लोन्स की तेजी से रिकवरी की दिशा में काम किया। इस क्रम में इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) कानून पारित किया गया।

इनसॉल्वेंसी के 1322 मामले किए स्वीकार

उन्होंने कहा कि एनसीएलटी (National Company Law Tribunal) ने 2016 के अंत से कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी के मामले में अपने हाथ में लेना शुरू किया और अभी तक 1,322 मामले स्वीकार किए जा चुके हैं। प्री-एडमिशन स्टेज में 4,452 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है और न्यायिक फैसलों के बाद 66 मामलों का हल निकाला जा चुका है। वहीं 266 मामलों में लिक्विडेशन यानी बेचकर रिकवरी करने के आदेश दिए जा चुके हैं।

66 मामलों से वसूले 80 हजार करोड़

जेटली ने कहा, ‘रिजॉल्यूशन के 66 मामलों से क्रेडिटर्स लगभग 80,000 करोड़ रुपए की रिकवरी कर चुके हैं। भूषण पावर एंड स्टील और एस्सार स्टील इंडिया जैसे 12 बड़े मामले रिजॉल्यूशन के एडवांस स्टेज में हैं। इन मामलों को चालू वित्त में निस्तारित किए जाने की उम्मीद है, जिससे लगभग 70,000 करोड़ रुपए की रिकवरी हो सकती है।’

जेटली ने की NCLT की तारीफ

जेटली ने ‘इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के दो साल’ शीर्षक वाली अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा कि NCLT उच्च विश्वसनीयता के लिहाज से भरोसेमंद फोरम बन गया है। उन्होंने कहा, ‘कंपनियों को इनसॉल्वेंसी की कगार पर ले जाने वाले लोगों को बोर्ड से बाहर कर दिया गया है। नए मैनेजमेंट के चयन के लिए ईमानदार और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है। ऐसे मामलों में कोई राजनीतिक या सरकारी दखलंदाजी नहीं की गई है।’

कर्ज देने और लेने में सुधार के संकेत

वित्त मंत्री ने कहा कि NCLT के डाटाबेस के मुताबिक, प्री-एडमिशन स्टेज पर 4,452 मामलों को निस्तारित किया जा चुका है, जिसके माध्यम से 2.02 लाख करोड़ रुपए सेटल हुए हैं। जेटली ने कहा कि एनपीए के स्टैंडर्ड अकाउंट में तब्दील होने की गति तेज हुई है और नए अकाउंट के एनपीए कैटेगरी में आने में कमी आई है। यह निश्चित तौर पर कर्ज देने और लेने में सुधार का संकेत है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.