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नीरव मोदी स्कैम: ICAI ने 8 ऑडिटर्स को भेजा नोटिस, अनुशासन समिति को देना होगा जवाब

पीएनबी फ्रॉड मामले में आईसीएआई ने मुंबई स्थित ब्रेडी हाउस स्थित बैंक ब्रांच के सभी स्टेचुअरी ऑडिटर्स को नोटिस भेजा है।

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मुंबई. करीब 13 हजार करोड़ रुपए के पीएनबी फ्रॉड के मामले में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (आईसीएआई) ने मुंबई स्थित ब्रेडी हाउस स्थित बैंक ब्रांच के सभी स्टेचुअरी ऑडिटर्स को नोटिस भेजा है। नोटिस में ऑडिटर्स को अनुशासन समिति के सामने पेश होने को कहा गया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की अपेक्स बॉडी ने 2011-12 से 2016-17 के दौरान ब्रेडी हाउस ब्रांच के ऑडिटर्स की लिस्ट तैयार की है। ये सभी 8 ऑडिटर्स आईसीएआई के मंबर हैं। 

 

 

ऑडिटर्स की भूमिका पर स्थिति साफ नहीं

आईसीएआई के मेंबर एसबी जवारे ने कहा कि चार्टर्ड एकाउंटेंट एक्ट 1949 के तहत ये नोटिस दिए गए हैं। ऑडिटर्स के जवाब के बाद ही घोटाले में उनकी भूमिका के बारे में स्थिति साफ हो पाएगी। संस्थान का कहना है कि फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता कि ऑडिटर्स दोषी हैं। पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद आईसीएआई ने 10 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया था। जांच पूरी होने के बाद यह कमेटी बैंकिंग सिस्टम की खामियां दूर करने के लिए सुझाव भी देगी।

 

अभी तक बैंक ने नहीं दी जानकारी
आईसीएआई के मेंबर एसबी जवारे का कहना है कि पीएनबी की ओर से जांच में सहयोग से इनकार करने पर कमेटी ने सरकार से दखल की मांग की थी। इसके बाद कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री और फाइनेंस मिनिस्ट्री की ओर से पीएनबी को लेटर भेजा गया है। इसके तहत जांच करने वाले समूह को जानकारियां देने के लिए कहा गया है। जवारे के मुताबिक, बैंक से मांगी गई जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। जवारे खुद भी इस कमेटी के संयोजक हैं।

 

सही से नहीं हुआ ऑडिट का काम
अबतक मिली इन्फॉर्मेशन के मुताबिक आईसीएआई जांच कमेटी ने बैंक की ओर से हुई खामियों का पता लगाया है। इनमें कॉर्पोरेट गवर्नेंस में चूक, दोषपूर्ण ऑडिट और सावधानियां नहीं बरतने की बातें सामने आई हैं। पीएनबी घोटाले की जांच में सीबीआई, एसएफआईओ और ईडी जैसी महत्वपूर्ण एजेंसियां जुटी हुई हैं।

 

आगे पढ़ें, क्या है पूरा मामला ....

 

फर्जी LOU से हुआ फ्रॉड 
फ्रॉड की शुरुआत पीएनबी की मुंबई स्थित ब्रेडी हाउस ब्रांच में 2011 से हुई। फ्रॉड फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए हुई। फर्जी एलओयू तैयार कर 2011 से 2018 तक हजारों करोड़ की रकम विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।

फ्रॉड का खुलासा फरवरी के पहले हफ्ते में हुआ। पंजाब नेशनल बैंक ने सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले की जानकारी दी। बाद में पीएनबी ने सीबीआई को बैंक में 1300 करोड़ के नए फ्रॉड की जानकारी दी। पीएनबी फ्रॉड अब करीब 13 हजार करोड़ तक पहुंच चुका है।

 

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